बैंकॉक, 27 मार्च (भाषा) भारत के कंपाउंड तीरंदाजों ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए शुक्रवार को यहां एशिया कप विश्व रैंकिंग टूर्नामेंट के पहले चरण में मिश्रित टीम का स्वर्ण पदक और महिला टीम का रजत पदक जीता और पुरुषों के व्यक्तिगत वर्ग में क्लीन स्वीप किया।
भारत ने दोपहर के सत्र में रिकर्व वर्ग में दो रजत पदक भी जीते। इस तरह से उसने इस प्रतियोगिता में दो स्वर्ण, चार रजत और चार कांस्य पदक जीते। भारत ने कुल 10 पदक हासिल किए जो पिछली बार के आठ पदक से अधिक है। भारत ने हालांकि पिछली बार पांच स्वर्ण पदक जीते थे।
भारत को रिकर्व वर्ग में झटका लगा जिसमें कोई भी तीरंदाज स्वर्ण पदक हासिल नहीं कर सका, जबकि वे पुरुषों के व्यक्तिगत वर्ग और मिश्रित टीम स्पर्धा में खाली हाथ लौटे।
दिन का मुख्य आकर्षण पुरुषों के कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में क्लीन स्वीप रहा। उदय कंबोज ने रोमांचक फाइनल में हमवतन प्रथमेश जवकर को 145-144 से हराकर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीता, जबकि अनुभवी खिलाड़ी रजत चौहान ने कांस्य पदक हासिल किया।
चौहान ने अंतिम सेट में अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए तीन सटीक तीर लगाकर स्थानीय खिलाड़ी पीरावत रत्तनपोंगकियात को 145-144 से हराया जिससे भारत इस स्पर्धा में क्लीन स्वीप करने में सफल रहा।
भारत के दो 22 वर्षीय खिलाड़ियों के बीच हुए मुकाबले में कंबोज ने अधिक अनुभवी प्रथमेश जवकर के खिलाफ कड़े मुकाबले में 145-144 से जीत हासिल की।
इस मैच में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जवकर दूसरे सेट के बाद 59-57 से आगे थे। कंबोज ने तीसरे सेट में 87-87 के स्कोर पर बराबरी करते हुए शानदार वापसी की और फिर चौथे सेट में जवकर की थोड़ी सी चूक का फायदा उठाते हुए 116-115 की बढ़त हासिल कर ली।
इसके बाद उन्होंने अंतिम सेट में अपना संयम बनाए रखा और यादगार जीत हासिल की।
अठारह वर्षीय तेजल साल्वे ने तटस्थ ध्वज के तहत प्रतिस्पर्धा कर रही रूसी तीरंदाज मारिया दिमिडियुक को 144-135 से हराकर महिला कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में कांस्य पदक जीता।
सुबह के सत्र का मुख्य आकर्षण चिकिता तनिपार्थी और रजत चौहान की शीर्ष वरीयता प्राप्त मिश्रित टीम जोड़ी थी जिन्होंने स्वर्ण पदक मुकाबले में दूसरी वरीयता प्राप्त मलेशिया को 158-156 से हराया।
सटीकता और संयम से भरे इस मुकाबले में अंतर बहुत कम रहा क्योंकि भारत ने 16 तीरों में सिर्फ दो , जबकि मलेशिया ने चार अंक गंवाए।
भारतीय जोड़ी ने लगातार चार 10 अंक हासिल करके शानदार शुरुआत की और बीच के चरण में कुछ मामूली चूक के बावजूद अपनी लय बरकरार रखी। तीन सेट के बाद उन्होंने 118-117 के मामूली अंतर से एक अंक की बढ़त बना ली।
मलेशिया की फातिन नूरफतेहा मैट सालेह और मोहम्मद जुवैदी माजुकी की जोड़ी ने तीसरे सेट में कुछ समय के लिए बढ़त हासिल कर ली थी। तब उन्होंने 40 का परफेक्ट स्कोर बनाया जबकि भारत 39 अंक ही बना सका।
भारतीय जोड़ी ने हालांकि अंतिम सेट में अपने अनुभव का अच्छा इस्तेमाल किया तथा लगातार चार 10 अंक हासिल करके अपनी जीत सुनिश्चित की। मलेशिया की टीम इस सेट में 39 अंक ही बना पाई जिससे भारत को दो अंकों से जीत मिल गई।
चिकिता, राज कौर और तेजल साल्वे की भारतीय महिला कंपाउंड टीम को फाइनल में कजाखस्तान की विक्टोरिया ल्यां, डायना युनुसोवा और रोक्साना युनुसोवा से 227-229 से हारने के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
भारतीय महिला टीम पिछली बार कांस्य पदक ही जीत पाई थी और इस तरह से उसने अपने प्रदर्शन में सुधार किया।
भारत ने मजबूत शुरुआत की और 12 तीरों के बाद आधे चरण में 115-113 की बढ़त बना ली।
तीसरे सेट में हालांकि भारतीय टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और वह 54 अंक ही बना सकी जबकि कजाखस्तान की टीम ने 58 अंक बनाए। इस तरह से उसने 171-169 की बढ़त हासिल कर ली।
चौथे और अंतिम सेट में दोनों टीम ने समान 58 अंक बनाए और इस तरह से भारतीय टीम को तीसरे सेट के खराब प्रदर्शन के कारण रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।
भारत ने रिकर्व स्पर्धा में दो रजत पदक भी हासिल किए, जिसमें रिधि फोर महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में दूसरे स्थान पर रहीं।
फाइनल में रिधी मंगोलिया की 18 वर्षीय ओयुन एर्डेन बासंडोर्ज से 2-6 (26-26, 24-25, 28-29, 28-28) से हार गई।
देवांग गुप्ता, सुखचैन सिंह और जुयेल सरकार शीर्ष वरीयता प्राप्त भारतीय पुरुष रिकर्व टीम को फाइनल में कजाखस्तान के दास्तान करीमोव, इलफत अब्दुल्लिन और दौलेटकेल्डी झांगबीरबे से करीबी हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
मैच नियमित समय में 4-4 (52-56, 52-49, 56-50, 53-56) से बराबर रहा जिसके बाद कजाखस्तान ने शूट-ऑफ में 30-27 से जीत हासिल कर स्वर्ण पदक जीता।
भाषा पंत नमिता
नमिता