(जी उन्नीकृष्णन)
केपटाउन, 10 जनवरी (भाषा) रंगभेद की त्रासदी झेल चुके दक्षिण अफ्रीका में इसका असर अभी भी देखा जा सकता है लेकिन पिछले चार साल में पूरे देश की श्वेत . अश्वेत आबादी को एकजुट करने का काम किया है एसए20 लीग ने ।
इस टी20 क्रिकेट लीग को अभी चार ही साल हुए हैं और 18 साल पुराने आईपीएल तथा 10 साल की बिग बैश लीग की तुलना में यह काफी नयी है ।
लेकिन इतने कम समय में ही इसने देश के सभी वर्गों को एकजुट किया है, नये रोजगार पैदा किये हैं और क्रिकेट का एक नया ‘इकोसिस्टम’ तैयार किया है ।
न्यूलैंड्स, किंग्समीड और सेंचुरियन में दर्जनों परिवार अपने दोस्तों , पड़ोसियों के साथ मैच देखने स्टेडियम आ रहे हैं । क्रिकेट के ताने बाने में समाज को एकजुट करने की मुहिम बनकर उभरी है यह लीग ।
एसए20 के कमिश्नर और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ ने कहा ,‘‘ हमारी मार्केटिंग और रणनीति लोगों को स्टेडियम में लाने , उन्हें अच्छा समय देने और क्रिकेट का मजा उठाने का मौका देने के बारे में है । हमने देखा कि कई लोग पहली बार स्टेडियम आ रहे हैं और यह शानदार है ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ हमारे पास लॉरेस जैसा सामाजिक साझेदार है जिससे हम समुदायों में निवेश कर रहे हैं । हम क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका को भी पैसा वापिस दे रहे हैं जिससे खेल का विकास हो रहा है । हमने एसए20 स्कूलों पर निवेश किया है जिससे 700 स्कूलों के लड़के और लड़कियां लाभान्वित हुए हैं ।’’
उन्होंने आगे कहा ,‘‘ आर्थिक दृष्टि से देखें तो चार अरब रैंड और 8500 रोजगार का सृजन किया गया है ।अभी हमें सिर्फ चार साल हुए हैं और दक्षिण अफ्रीका में समाज पर प्रभाव की दृष्टि से काफी काम हुआ है ।’’
डरबन सुपर जाइंट्स के कोच और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व हरफनमौला लांस क्लूसनर ने कहा ,‘‘ चार साल में इसका प्रभाव शानदार है । इससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर निकल रहे हैं । प्रदेश के खिलाड़ियों को मंच मिल रहा है ।’’
भाषा
मोना पंत
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