कुंबले ने वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन में निरंतरता की सराहना की

कुंबले ने वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन में निरंतरता की सराहना की

कुंबले ने वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन में निरंतरता की सराहना की
Modified Date: May 29, 2026 / 12:33 pm IST
Published Date: May 29, 2026 12:33 pm IST

मुल्लांपुर, 29 मई (भाषा)भारतीय स्पिन दिग्गज अनिल कुंबले ने 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी और निरंतरता की जमकर सराहना करते हुए कहा कि केवल छक्कों की ताकत नहीं, बल्कि प्रदर्शन में निरंतरता ही इस युवा खिलाड़ी को खास बनाती है।

सूर्यवंशी ने इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सत्र में 65 छक्के जड़कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिस गेल के 2012 में बनाए गए 59 छक्कों के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

राजस्थान रॉयल्स के इस युवा खिलाड़ी ने 15 पारियों में 680 रन बनाकर ऑरेंज कैप (आईपीएल सत्र में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी को दी जाने वाली सूची में शीर्ष स्थान) भी अपने नाम कर ली है। इसी के साथ उन्होंने एक टी20 सीरीज में किशोर खिलाड़ी द्वारा सबसे अधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है।

कुंबले ने ‘जियो हॉटस्टार’ के ‘गेम प्लान’ में कहा, “वैभव सूर्यवंशी ‘ऑरेंज कैप’ धारक हैं, और यह उपलब्धि सिर्फ एक बार या कुछ ही टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने से नहीं मिलती। उन्होंने पिछले दो महीनों में लगातार ऐसा प्रदर्शन किया है, और यह इस युवा खिलाड़ी के बारे में बहुत कुछ कहता है।”

उन्होंने कहा, “वह सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी हैं, लेकिन यह सिर्फ मैदान पर जाकर कुछ छक्के जड़ने की बात नहीं है।”

कुंबले ने कहा कि सूर्यवंशी के उभार से उनके सलामी जोड़ीदार यशस्वी जायसवाल पर भी दबाव बढ़ा है। जायसवाल ने इस सत्र में 15 मैचों में 426 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 32.77 और स्ट्राइक रेट 153.24 रहा है।

कुंबले ने कहा, “जायसवाल को गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की है, लेकिन वह निश्चित रूप से दबाव में हैं। कुछ साल पहले सारी चर्चा उन्हीं पर थी, लेकिन अब 15 साल का एक खिलाड़ी पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोर रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में भी उनकी साझेदारी शानदार रही थी। उन्होंने आठ ओवरों में करीब 120 रन बनाए, लेकिन इनमें से ज्यादातर रन सूर्यवंशी ने ही बनाए थे।”

कुंबले ने यह भी कहा, “जायसवाल को इस बात की निराशा होगी कि बल्लेबाजी के लिए आसान पिच पर भी वह तेजी से रन बनाने में विफल रहे।”

भाषा आनन्द

आनन्द


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