अब ओलंपिक पदक जीतना चाहती हूं: नीतू घंघास

अब ओलंपिक पदक जीतना चाहती हूं: नीतू घंघास

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  • Publish Date - January 7, 2026 / 04:41 PM IST,
    Updated On - January 7, 2026 / 04:41 PM IST

ग्रेटर नोएडा, सात जनवरी (भाषा) पिछले साल राष्ट्रीय चैंपियनशिप में मिली अप्रत्याशित हार नीतू घंघास के लिए एक बड़ा झटका थी लेकिन इससे उनके करियर की दिशा बदल गई और उन्होंने निकहत जरीन के वर्चस्व वाले 51 किलोग्राम भार वर्ग में खेलने का फैसला किया ताकि वह लॉस एंजिलिस ओलंपिक में पदक जीतने का अपना सपना साकार कर सके।

गैर ओलंपिक वर्ग 48 किलोग्राम में 2022 राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता और 2023 की विश्व चैंपियन नीतू को पिछले साल की महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में क्वार्टर फाइनल में मीनाक्षी हुड्डा ने हराया था, जिन्होंने बाद में विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।

नीतू ने पीटीआई से कहा, ‘‘मीनाक्षी से हारना एक तरह से मेरे लिए अच्छा साबित हुआ। अगर मैं जीत जाती और मुझे स्वर्ण पदक मिल जाता तो मैं निश्चिंत हो जाती और फिर कभी 51 किलोग्राम वर्ग में नहीं आती। वह हार मेरे लिए एक निर्णायक मोड़ थी। उसके बाद मैंने वर्ग बदलने का फैसला किया।’’

नीतू ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से लंबे समय तक दूर रहने के बाद यह कदम उठाया। उन्होंने 2023 में विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद से किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया है।

नीतू के लिए यह बदलाव पूरी तरह से नया नहीं है। इससे पहले उन्होंने हांगझोऊ एशियाई खेलों और पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने के प्रयास में 54 किलोग्राम वर्ग में अपने हाथ आजमाए थे लेकिन वह प्रीति पवार से हार गईं थी।

नीतू ने कहा, ‘‘मैंने सोचा कि मेरे पास पहले से ही राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक और विश्व चैंपियनशिप का खिताब है। इसलिए अब मेरा पूरा ध्यान ओलंपिक पर है। मैं इस नए भार वर्ग में सहज महसूस कर रही हूं और किसी भी तरह की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं।’’

हालांकि 51 किलोग्राम वर्ग में जीत हासिल करना आसान नहीं है। मौजूदा राष्ट्रीय चैंपियनशिप के फाइनल में नीतू का मुकाबला दो बार की विश्व चैंपियन निकहत से होने की संभावना है।

भाषा

पंत मोना

मोना