(विनय शुक्ला)
मॉस्को, आठ जनवरी (भाषा) अमेरिका द्वारा जब्त किए गए रूसी तेल टैंकर ‘मैरिनेरा’ के चालक दल के सदस्यों में तीन भारतीय भी शामिल हैं। स्थानीय मीडिया ने यह खबर दी है।
इस बीच रूस ने बृहस्पतिवार को इस घटना पर ‘गंभीर चिंता’ व्यक्त करते हुए अमेरिका से समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता से संबंधित अंतरराष्ट्रीय कानूनों का अनुपालन करने की मांग की। रूस ने इसी के साथ अमेरिका की ‘नव-उपनिवेशवादी’ प्रवृत्तियों को पुरजोर तरीके से खारिज कर दिया।
रूस के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को उत्तरी अटलांटिक में अमेरिकी तटरक्षक बल द्वारा जब्त किये गये मेरिनेरा टैंकर (जिसे पहले बेला-1 के नाम से जाना जाता था) के चालक दल के सदस्यों के साथ मानवीय व्यवहार की मांग की। रूस ने कहा कि टैंकर की स्थिति के बारे में अमेरिका को बार-बार जानकारी दी गई थी।
‘रशिया टुडे’ ने सूत्रों के हवाले से बताया, ‘मेरिनेरा के चालक दल में 17 यूक्रेनी नागरिक, छह जॉर्जियाई नागरिक, तीन भारतीय नागरिक और दो रूसी नागरिक शामिल हैं।’’
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘हम अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय समुद्री नौवहन के मूलभूत मानदंडों और सिद्धांतों का अनुपालन करने और मेरिनेरा टैंकर और खुले समुद्र में कानून का पालन कर अपनी गतिविधियों को संचालित करने वाले अन्य जहाजों के खिलाफ अपनी अवैध कार्रवाइयों को तुरंत बंद करने का आह्वान करते हैं।’’
रूस ने कहा कि वह अमेरिका के राष्ट्रीय ‘प्रतिबंध कानून’ के उसके संदर्भों को निराधार मानता है।
मंत्रालय ने रेखांकित किया, ‘‘कुछ अमेरिकी अधिकारियों द्वारा यह कहना कि मेरिनेरा टैंकर पर कब्जा करना वेनेजुएला के प्राकृतिक संसाधनों पर वाशिंगटन का असीमित नियंत्रण स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, अत्यंत निंदनीय है। हम इस तरह की नव-औपनिवेशिक प्रवृत्तियों को पूरी तरह से खारिज करते हैं।’’ इसमें कहा गया, ‘‘अमेरिका के साथ-साथ अन्य पश्चिमी देशों द्वारा एकतरफा प्रतिबंधात्मक उपाय अवैध हैं और अधिकार क्षेत्र स्थापित करने के प्रयासों को, और उससे भी बढ़कर, खुले समुद्र में जहाजों को जब्त करने के प्रयासों को उचित नहीं ठहरा सकते।’’
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘मेरिनेरा, जिसे 24 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय कानून और रूसी विधि के अनुसार रूसी ध्वज के तहत यात्रा करने की अस्थायी अनुमति मिली थी, उत्तरी अटलांटिक में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से शांतिपूर्वक गुजर रहा था और रूस के बंदरगाहों में से एक की ओर जा रहा था।’’
इसमें कहा गया कि अमेरिकी सरकार ने बार-बार स्वीकार स्वीकार है कि उसे रूसी विदेश मंत्रालय सहित अन्य स्रोतों से जहाज के रूसी मूल और उसके नागरिक दर्जे के बारे में बार-बार विश्वसनीय जानकारी प्रदान की गई थी।
भाषा धीरज वैभव
वैभव