राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतना एशियाई खेलों की तुलना में मुश्किल होगा, शीर्ष 400 मीटर धावकों ने कहा

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राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतना एशियाई खेलों की तुलना में मुश्किल होगा, शीर्ष 400 मीटर धावकों ने कहा

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  • Publish Date - July 14, 2026 / 07:45 PM IST,
    Updated On - July 14, 2026 / 07:45 PM IST

नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) भारत के शीर्ष 400 मीटर धावकों का मानना ​​है कि ग्लास्गो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में इस साल बाद में होने वाले एशियाई खेलों की तुलना में अधिक कड़ा मुकाबला होगा जिससे यह महाद्वीपीय प्रतियोगिता से पहले खुद को साबित करने का एक बेहतरीन मौका होगा।

राष्ट्रमंडल खेलों से लगभग दो महीने पहले राष्ट्रमंडल खेल 23 जुलाई से शुरू हो रहे हैं। इस प्रतियोगिता में भारत 32 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम उतारेगा।

राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की 400 मीटर और मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले में हिस्सा लेने वाले विशाल थेन्नारासु कयालविझी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के एथलीटों की मौजूदगी के कारण ग्लास्गो में मुकाबले का स्तर भारतीय धावकों को अपने प्रदर्शन का स्तर बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा।

विशाल ने पोलैंड के स्पाला में सरकार द्वारा प्रायोजित अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग शिविर के लिए रवाना होने से पहले साइ मीडिया से कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेल कड़े हैं, अगर हम मेहनत नहीं करें तो यह कठिन है। मैं यह नहीं कहूंगा कि यह नामुमकिन है। मैं कहूंगा कि अगर हम अच्छी तैयारी करें तो (पदक जीतना) मुमकिन है। कोई भी चीज आसान नहीं होती, चाहे वह एशियाई खेल हों या राष्ट्रमंडल खेल।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वहां कड़ी प्रतिस्पर्धा है और मुझे खुद को साबित करने का मौका चाहिए इसलिए मैं इसे एक अवसर के तौर पर लूंगा और वहां पूरी ताकत लगाने की कोशिश करूंगा।’’

बाइस साल के विशाल पोलैंड जा रहे 60 लोगों के दल का हिस्सा है जिसमें 41 एथलीट और 19 कोच तथा सहयोगी स्टाफ शामिल हैं।

विशाल ने कहा कि ग्लास्गो में उनका पहला लक्ष्य दोनों स्पर्धाओं में अपने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में सुधार करना होगा।

राष्ट्रीय शिविर में शामिल एक अन्य एथलीट जय कुमार ने भी माना कि ग्लास्गो में प्रतिस्पर्धा अधिक कड़ी होगी, हालांकि इस सत्र में उनका मुख्य लक्ष्य एशियाई खेल ही हैं।

जय ने कहा, ‘‘इस साल मेरा लक्ष्य एशियाई खेल हैं इसलिए अंतर राज्यीय और फेडरेशन कप अहम थे और मैंने वहां अच्छा प्रदर्शन किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं पोलैंड के स्पाला में 45 दिन के ट्रेनिंग शिविर के लिए जा रहा हूं और देखूंगा कि उसके बाद मेरा प्रदर्शन कैसा रहता है। राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेल दोनों में पदक जीतना थोड़ा मुश्किल है।’’

जय ने कहा, ‘‘अगर हम कुल मिलाकर देखें तो राष्ट्रमंडल खेल अधिक कड़े है क्योंकि 400 मीटर दौड़ में समय 43 से 45 सेकेंड के आसपास होता है जबकि हाल के वर्षों में एशियाई खेलों में यह 45 सेकेंड से अधिक रहा है।’’

भाषा सुधीर मोना

मोना