एआईसीसी की बैठक में दिल्ली रवाना होने से पहले सीएम ने साधा भाजपा पर निशाना, कहा मानसिक संतुलन खो बैठे हैं पूर्व सीएम

एआईसीसी की बैठक में दिल्ली रवाना होने से पहले सीएम ने साधा भाजपा पर निशाना, कहा मानसिक संतुलन खो बैठे हैं पूर्व सीएम

  •  
  • Publish Date - November 15, 2019 / 03:05 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:45 PM IST

रायपुर। मुख्यमंत्री एआईसीसी की बैठक में शामिल होने नियमित विमान से दिल्ली रवाना हुए। दिल्ली रवाना होने के पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वास्थ्य योजना समेत धान खरीदी को लेकर पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। स्वास्थ्य योजना को लेकर कहा की कई गंभीर बीमारियों का उपचार बेहद मॅहगा है। वैसे भी आयुष्मान भारत में हमें राज्य के हिस्से से साढ़े चार लाख देने पड़ते हैं। इसलिए जो गंभीर बीमारियां हैं, उनके उपचार के लिए 20 लाख तक राशि दी जा सकेगी।

यह भी पढ़ें — NMDC के अधिकारियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात, एनएमडीसी की लीज को रिन्यू करने के आदेश

वहीं सीएम ने डॉ रमन सिंह के बयान पर किया तीखा पलटवार करते हुए कहा कि वे अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। अपनी तुलना भगवान से कर रहे हैं, वो तो आप लोग पूछ लेते हैं, वरना नाम कौन लेना चाहता है रमन सिंह का। कोई नहीं पूछता है उन्हें। उन्होंने प्रदेश को बर्बाद कर दिया।

यह भी पढ़ें — CM कमलनाथ के इस फैसले से ज्योतिरादित्य सिंधिया हुए खुश, ट्वीट कर कह…

इसके साथ ही दिल्ली प्रवास को लेकर कहा कि कल सुबह 11 बजे रकाबगंज रोड कार्यालय में बैठक होगी, बैठक में प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता मौजूद रहेंगे। हमलोग भी बैठक में शामिल होंगे, धान के मुद्दे पर कहा कि धान को लेकर केंद्र सरकार के रुख पर एआईसीसी में चर्चा करेंगे। सीडब्ल्यूसी के सदस्य ताम्रध्वज साहू अपनी बात रखेंगे। मोतीलाल वोराजी भी धान का मुद्दा उठाएंगे।

यह भी पढ़ें — बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों का तबादला, जारी आदेश की पूरी सूची….

सीएम ने भाजपा के धरना पर कहा कि भाजपा आज आंदोलन कर रही है, वो लोग सवाल पूछ रहे हैं कि हमने केंद्र सरकार से पूॅछकर 25 सौ देने का ऐलान किया था क्या? मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि जब उन्होंने 2100 रुपए समर्थन मूल्य और 300 रुपए बोनस का ऐलान किया था तो क्या केंद्र सरकार से पूछा था। भाजपा को इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करना चाहिए। भाजपा के सांसदों को जनता ने जिताया, किसानों के वोट से उन्होंने चुनाव जीता, अब क्या किसानों का मुद्दा वे लोकसभा और राज्यसभा में नहीं उठाएंगे?