कैदी की मौत मामले में हाईकोर्ट ने मृतक के परिजनों को 15 लाख देने का दिया आदेश

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कैदी की मौत मामले में हाईकोर्ट ने मृतक के परिजनों को 15 लाख देने का दिया आदेश

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  • Publish Date - April 18, 2018 / 12:05 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:53 PM IST

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बुधवार को एक अहम फैसले में जेल में कैदी की हत्या के मामले में परिजनों को 15 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। इतनी बड़ी राशि का मुआवजा इस कोर्ट में पहली बार दिया गया है। 3 मई 2011 को संतोष श्रीवास नामक युवक को जांजगीर पुलिस ने जेल दाखिल किया था। 5 मई को संतोष की जेल के अंदर हुई मारपीट के बाद मौत हो गई थी। उसके परिजनों ने कैदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने की बात कहकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।

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संतोष की पत्नी सरोज श्रीवास पिछले 7 साल से इस केस को हाईकोर्ट में लड़ रही थीं। हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने बुधवार को मामले में फैसला दिया और शासन से कहा कि वे संतोष के परिजनों को 15 लाख रुपए का मुआवजा दें। इसके साथ ही डीजीपी और गृह मंत्रालय को आदेश दिए हैं कि जेलों के भीतर कैदियों की सुरक्षा व स्वास्थ्य के संबंध में जो नियम बनाए गए हैं उसका पालन हो रहा है या नहीं इसकी जांच कर कोर्ट में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

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मामले में सरोज श्रीवास की पैरवी कर रहे वकील सुमित सिंह ने कहा कि इतना बड़ी राशि का मुआवजा इससे पहले कोर्ट से नहीं मिला है। कोर्ट ने माना कि यह धारा 21 का उल्लंघन है, जीने के अधिकार का उल्लंघन है, संतोष की मौत जेल के भीतर सुरक्षा व स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने के कारण हो गई। याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुनाया और राज्य शासन को 15 लाख रुपए मुआवजा देने के लिए कहा है।

 

वेब डेस्क, IBC24