रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकार की बेरूखी से नाराज़ बस मालिकों ने अब हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। दरअसल बस मालिक 12 साल पुरानी बसों का परमिट रद्द करने, डीजल के रेट के मुताबिक यात्री किराया तय नहीं करने से परेशान हैं। उनकी बस स्टैंड में पार्किंग की जगह उपलब्ध कराने, फिटनेस में देर होने पर हर दिन 50 रुपए शुल्क नहीं लेने की भी मांगें हैं।
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बस मालिकों की मानें तो वे मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री और अफसरों से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी मांगों को नज़रअंदाज़ करने से लगातार नुकसान हो रहा है। लिहाज़ा उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली है। बस मालिकों का ये भी आरोप है, कि हाईकोर्ट जाने पर परिवहन अधिकारी.
अब संघ के पदाधिकारियों पर दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई कर रहे हैं। वहीं अपर परिवहन आयुक्त का कहना है, कि बस वाले खुद संगठित नहीं हैं, जबकि परिवहन विभाग हमेशा गंभीरता से निर्णय लेता है और पहले भी बस ऑपरेटर्स की मांगें पूरी की गईं हैं ।
वेब डेस्क, IBC24