भोपालः MP News चुनाव आयोग ने एमपी समेत 12 राज्यों के राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान क्या किया कि सूबे में नई सियासी हलचल तेज हो गई। अमूमन राज्यसभा चुनाव को लेकर लोग ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं, लेकिन 18 जून को एमपी की तीन राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव पर सबकी निगाहें आ टिकी हैं। वो भी इसलिए क्योंकि एमपी में केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन, डॉक्टर सुमेर सिंह सोलंकी और कांग्रेस से दिग्विजय सिंह की सीट खाली हो रही है, लेकिन सियासी पेंच नंबर गेम और क्रॉस वोटिंग पर आकर फंस गया है।
MP News दरअसल, राज्यसभा की एक सीट के लिए 58 वोटों की जरूरत है। मध्यप्रदेश विधानसभा की कुल 230 सीटों में से बीजेपी के पास 164 विधायक हैं और दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने के बाद अब कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं। इनमें से भी विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर कोर्ट ने रोक लगा रखी है और बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे का झुकाव बीजेपी की ओर है, जिसके चलते आंकड़ों में कांग्रेस के पास अब 62 विधायक ही बचते हैं..यानी अगर कांग्रेस के 5 विधायक भी इधर से उधर हुए तो कांग्रेस के पास एक सीट भी नहीं बचेगी। ऐसे में क्रास वोटिंग फैक्टर के चलते बीजेपी तीनों सीटों पर दावा ठोंकती नजर आ रही है।
दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ने के इनकार के बावजूद भी कांग्रेस कह रही है कि दिग्विजय सिंह कांग्रेस के लिए संजीवनी है वो राज्यसभा जाएंगे। पार्टी को क्रास वोटिंग का खतरा नहीं है। राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी-कांग्रेस के अपने-अपने दावे हैं, लेकिन सवाल ये कि- क्या बीजेपी एमपी की तीनों सीटों पर चुनाव लड़ेगी? सवाल ये कि कांग्रेस से अगर दिग्विजय सिंह नहीं लड़ेगें तो क्या राज्यसभा के जरिए कमलनाथ का पुनर्वास होगा? और सवाल ये कि क्या बीजेपी तीसरी सीट में नरोत्तम मिश्रा पर दांव लगाने जा रही है?