इंदौर। मध्यप्रदेश कांग्रेस समन्वय समिति के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इन दिनों प्रदेश के अलग–अलग शहरों में जाकर कांग्रेसजनों की गुटबाजी खत्म करने के साथ ही आपसी तालमेल बैठाने की कवायद कर रहे है।
इंदौर में भी दो दिनों तक दिग्गविजय सिंह ने कांग्रेस कार्यकर्ता और दावेदारों से मुलाकात की। इस दौरान संगत में पंगत यानी कांग्रेसियों के साथ भोजन कर उनकी बातें सुनी। फिलहाल, ये पहला चरण है। टिकट वितरण के बाद दूसरे चरण में कांग्रेसियों के बीच इसी तरह की और भी बैठक की जाएगी। लेकिन इन सब कवायद के बीच दिग्गविजय सिंह का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर लगातार हमला जारी है। दिग्विजय सिंह ने सीएम की जन आशीर्वाद यात्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि ढाई करोड़ के रथ में सवार होकर मुख्यमंत्री जनता का आशीर्वाद लेने नहीं बल्कि आशीर्वाद देने जा रहे हैं। रावण भी रथ पर सवार था लेकिन रामजी की पैदल सेना ने रावण को भी हरा दिया था।
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उन्होंने कहा कि सभा में सीएम मेरे 10 साल के कार्यकाल को लेकर बयानबाजी करते है। मैं पूछता हूं कि मेरे 10 साल के कार्यकाल के बाद भाजपा का भी 15 साल का कार्यकाल हो चुका है। उसका लेखा जोखा कौन देगा। मेरे कार्यकाल में छत्तीसगढ राज्य अलग बनने के वजह से बिजली का संकट गहराया था। इसके लिए उठाए गए कदम का आज परिणाम नजर आ रहा है।
सिंह ने सीएम को चुनौती दी है कि खुले मंच पर मेरे 10 साल और उनके 15 साल के कार्यकाल को लेकर बहस कर लें। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में हुए भ्रष्टाचार में मुख्यमंत्री का परिवार शामिल है। मेरे आरोप गलत हैं, तो मेरे खिलाफ मानहानि का दावा कर दें। भाजपा केवल फेक न्यूज के आधार पर राजनीति कर रही है। राहुल गांधी ने कभी नहीं कहा कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है और इस बात का खंडन कांग्रेस ने किया है। लेकिन एक ऊर्दू अखबार के हवाले से रक्षामंत्री ने प्रेस वार्ता कर कांग्रेस पर आरोप मढ़ दिए, जो कि गलत है।
वेब डेस्क, IBC24