नक्सल प्रभावित इलाके में गांव वालों को मलेरिया से बचाने गए डॉक्टर हुए चोटिल, नदी में बहते बहते बचे

नक्सल प्रभावित इलाके में गांव वालों को मलेरिया से बचाने गए डॉक्टर हुए चोटिल, नदी में बहते बहते बचे

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  • Publish Date - October 7, 2019 / 12:42 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:46 PM IST

सुकमा। मलेरिया के प्रकोप से गांव वालों को बचाने पहुंचे डॉक्टर खुद नदी के प्रकोप का शिकार हो गए। हालाकि वह किसी नेक कार्य के लिए गए थे इसलिए वे बाल बाल बच गए। लेकिन उनके पैरों में गंभीर चोट आ गई है। मामला चिंतलनार के लकापाल गांव का है जहां डॉक्टर मुकेश बक्शी ग्रामीणों में फैले मलेरिया का इलाज करने गए थे।

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जानकारी के अनुसार इन दिनों नक्सल प्रभावित लकापाल इलाके में बीमारियों का प्रकोप है। इसलिए डॉक्टरों के दल ने दो दिनों तक वहां मेडिकल कैम्प लगाया था। इस दौरान नदी नालों को पार कर डाक्टर यहां डॉक्टर पहुंचे थे। इस दौरान एक डॉक्टर मुकेश बक्शी नदी में बह गए हालाकि उन्हे फिर बचा लिया गया, लेकिन उन्हे चोट जरूर लग गई।

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क्षेत्र में मलेरिया का मरीज सबसे ज्यादा संख्या में हैं, पूरे गांव में यहां मलेरिया फैला हुआ है। और काफी दूर तक यहां चिकित्सा सुविधा नही है,​ जिसके कारण यहां मेडिकल कैम्प लगाया था।

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