ट्रेनिंग के दौरान अनुशासनहीनता दिखाने वाले छत्तीसगढ़ के 30 डिप्टी कलेक्टर्स का प्रोबेशनरी पीरियड राज्य शासन ने 6 माह के लिए और बढ़ा दिया है…। ये कड़ा कदम इन अफसरों के आचरण को लेकर मिली शिकायतों के सही मिलने के बाद उठाया गया है…। ये सभी 2015 बैच के डिप्टी कलेक्टर हैं…जिन्हें अब नियमित नियुक्ति के लिए 6 माह और इंतजार करना पड़ेगा…। राज्य बनने के बाद पहली बार सरकार ने इस स्तर के अफसरों के खिलाफ इतनी बड़ी कार्रवाई की है…।
बताया जाता है कि राज्य प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान इन नए अधिकारियों ने अपने ही महानिदेशक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था….और चीफ सेक्रेटरी दफ्तर तक शिकायत करने पहुंच गए थे । इतना ही नहीं प्रशिक्षण के दौरान होने वाले दौरे के समय भी इनके खिलाफ छोटे कर्मचारियों के साथ अभद्रता करने की शिकायतें मिली थीं । अनुशासन हीनता की हद ये रही कि इन ट्रेनी अफसरों ने अकादमी में होने वाली परीक्षा तक का बहिष्कार कर दिया था । इनके इन तमाम आचरणों को अपर मुख्यसचिव की अध्यक्षता में हुई अनुशासन समिति की बैठक में आपत्तिजनक माना गया…और समिति ने सबको नोटिस देने का फैसला किया था । ये अफसर अभी जनपद पंचायतों में ब्म्व् के पदों पर पदस्थ हैं । प्रोबेशनरी पीरियड बढ़ाए जाने से इनकी सीनियरटी और इंक्रीमेंट समेत बकाया भुगतान पर भी असर पड़ेगा।