सरकार का तुगलकी फरमान, अब हडताल पर नहीं जा सकेगें शिक्षाकर्मी

Ads

सरकार का तुगलकी फरमान, अब हडताल पर नहीं जा सकेगें शिक्षाकर्मी

  •  
  • Publish Date - November 26, 2017 / 05:17 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:33 PM IST

रायपुर। राज्यभर के 1 लाख 80 हजार शिक्षाकर्मी अनिश्चितकालीन हडताल पर है, और सरकार उनके आंदोलन से निपटने के लिए रोज नए आदेश निकाल रही है। उसकी क्रम में आज राज्य सरकार के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने राज्य भर में चल रही नए शिक्षाकर्मी भर्ती में एक नया नियम जोडते हुए किसी भी शिक्षाकर्मी को हडताल पर जाने और अपने किसी साथी को हडताल पर जाने के लिए प्रेरित करने का अधिकार खत्म करते हुए नए शिक्षाकर्मयों के नियमों में एक नया नियम जोड दिया।

शिक्षकों की हड़ताल ,कलेक्टर और एस पी ने पढ़ाया अंग्रेजी और गणित

इस आदेश को छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल को तत्काल भर्ती नियमों में जोडने का फरमान जारी किया है। सरकार के इस फरमान को शिक्षाकर्मियों ने तानाशाही फरमान बताते हुए विरोध करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र में सभी को अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है सरकार को इस तरह का आदेश निकालने से पहले दुष्परिणामों के बारे में सोच लेना चाहिए।

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की हड़ताल के लिए सरकार जिम्मेदार, IBC24 फेसबुक पर पोल

साथ ही अपने 5 साथियों के बरख्सतगी के आदेश को भी तुगलकी फरमान बताते हुए ये समस्या का समाधान नही है बल्कि समस्या को बैठकर चर्चा करने से दुर होना बताया। शिक्षाकर्मियों ने कहा कि समस्या का समाधान संविलियन और क्रमोन्नत वेतनमान देने से होगा न की शिक्षाकर्मियों के बरखास्तगी से।

 

वेब डेस्क, IBC24