उद्योगों में बाहरी श्रमिकों की जानकारी छिपाने पर होगी FIR, क्वारेंटाईन के बाद घर जाने वालों की निगरानी के लिए गठित होंगी ग्राम समितियां

उद्योगों में बाहरी श्रमिकों की जानकारी छिपाने पर होगी FIR, क्वारेंटाईन के बाद घर जाने वालों की निगरानी के लिए गठित होंगी ग्राम समितियां

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  • Publish Date - June 10, 2020 / 04:19 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:43 PM IST

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने औद्योगिक क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण रोकने के संबंध में कलेक्टरों से कहा है कि जिन जिलों में औद्योगिक क्षेत्र हैं, वहां यह सुनिश्चित किया जाए कि यदि किसी उद्योग में बारह से श्रमिक लाए जा रहे हैं, तो इसकी जानकारी जिला प्रशासन को अवश्य दी जाए। ऐसे उद्योग जो बाहर से आने वाले मजदूरों की जानकारी प्रशासन को नहीं दे रहे हैं, उन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाये। सीएम बघेल ने क्वारेंटाईन सेंटरों से अवधि पूर्ण कर घर जाने वाले ग्रामीणों की निगरानी के लिए कोरबा जिले की भांति सभी गांवों में निगरानी समिति गठित करने के निर्देश दिए।

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इस समिति में शासकीय अमले के साथ-साथ गांव के लोगों को भी जोड़ा जाए। घर जाने वाले ग्रामीणों को यह समझाईश दी जाए कि वे 14 दिनों तक घरों में ही रहे और अपने परिवारिक सदस्यों से भी जहां तक हो सके दूरी बनाकर रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सावधानी की दृष्टि से ऐसे लोगों का समय-समय पर रेंडम टेस्ट भी किया जाना चाहिए।

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कोरबा कलेक्टर ने बताया कि उनके जिले में 7798 मजदूर वापस आए है, जिनमें से क्वारेंटाईन अवधि पूरा करने के बाद 3646 लोग अपने घर जा चुके हैं। ऐसे लोगों की निगरानी के लिए गांवों में निगरानी समिति बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के सभी जिलों में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को उनके जिलों में लौटने वाले प्रवासी मजदूरों की सूची अपडेट करने और उनकी स्किल मैपिंग के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि हाल ही में विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से हुई चर्चा में जानकारी दी कि उद्योगों में स्किल्ड श्रमिकों की आवश्यकता पड़ेगी। यदि स्किल मैपिंग हो जाती है तो इन लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में आसानी होगी।

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सर्वसुविधायुक्त होंगे शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 40 इंग्लिश मीडियम स्कूलों की स्थापना के संबंध में कहा कि ये स्कूल प्रायवेट स्कूलों से किसी भी मामलों में कम नहीं होने चाहिए। यहां उपलब्ध सुविधाएं और शिक्षा की गुणवत्ता ऐसी हो कि कलेक्टर अपने बच्चों को पढ़ाने में न हिचकें। बैठक में बताया गया कि इंग्लिश मीडियम स्कूलों की स्थापना के लिए 24 करोड़ रूपए की राशि जिलों को आबंटित कर दी गई है। कलेक्टर की अध्यक्षता में अधिकांश जिलों में मेनेजमेंट कमिटी गठित की जा चुकी है। इंग्लिश मीडियम स्कूलों में 1 जुलाई से वर्चुअल क्लास शुरू करने की योजना है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि विकासखण्ड मुख्यालयों पर उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और आईटीआई के समन्वय से व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। कलेक्टर आईटीआई और स्कूलों के प्राचार्यों तथा क्षेत्र के उद्योगपतियों की बैठक आयोजित कर यह तय करें कि स्कूलों में किस ट्रेड में व्यावसायिक शिक्षा प्रारंभ करना उपयोगी होगा जिससे बच्चों को 12वीं के बाद रोजगार मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों में क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए थे। वहां कक्षा प्रारंभ होने के पहले सेनेटाईजेशन करा लिया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत एक वर्ष में 13.9 प्रतिशत बच्चे कुपोषण से बाहर आए हैं। कुपोषण से 67 हजार 889 बच्चे मुक्त हुए।

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मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक से 9 लाख से अधिक ग्रामीण लाभान्वित

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ग्रामीण अंचल के हाट बाजारों में नियमित रूप से स्वास्थ्य टीम की उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ ही जन सामान्य को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराना हमारी प्राथमिकता है। लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए यह योजना शुरू की गई है। प्रत्येक हाट बाजार में स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और इलाज करे, यह जरूरी है। उन्होंने कलेक्टरों को हाट बाजार क्लिनिक योजना के क्रियान्वयन के लिए पृथक से टीम एवं वाहन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य के 2310 हाट बाजारों में 2 अक्टूबर 2019 से लेकर मार्च 2020 तक कुल 28 हजार 155 क्लिनिक लगाए गए जिसके माध्यम से 9 लाख 40 हजार ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिया गया है।