पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को आदिवासी नहीं मानने की रिपोर्ट और उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर देने के बाद अब उनके खिलाफ थ्प्त् की तैयारी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक बिलासपुर कलेक्टर पी दयानंद ने हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट और जाति छानबीन कमेटी के पत्र के आधार पर पेंड्रा ैक्ड रिचा चैधरी को निर्देश दिए हैं कि इनका अध्ययन करें और बताएं कि क्या इस आधार पर FIR हो सकती है।
हालांकि फोन पर रिचा चैधरी ने कलेक्टर की ओर से किसी तरह के पत्र के अभी तक नहीं मिलने की बात कही है, लेकिन उन्होंने जोगी को पेंड्रा तहसील से जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र के बारे में रिकॉर्ड एकत्र करने के निर्देश दे दिए हैं। संकेत हैं कि शासन का अगला कदम अजीत जोगी के खिलाफ गलत जानकारी देने, फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने और उसके जरिए लाभ उठाने का मामला दर्ज किया जाना है। जाति मामले में थ्प्त् करने का अधिकार हाईपावर कमेटी और कलेक्टर बिलासपुर को है, चूंकि जाति प्रमाण पत्र पेंड्रा से जारी हुआ है, लिहाजा बहुत संभव है कि मामला वहीं पुलिस में दर्ज कराने की प्रक्रिया की जाए।
मंगलवार को बिलासपुर कलेक्टर पी दयानंद और ैच् मयंक श्रीवास्तव ने भी लंबी बैठकें कीं.. दोनों ने जोगी जाति मामले के याचिकाकर्ता नंदकुमार साय से भी मुलाकात की थी। जोगी के खिलाफ बन रहे इस पूरे माहौल के बीच जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के पदाधिकारी इसे भाजपा सरकार की सियासी चाल बता रहे हैं.. और आंदोलन छेड़ने की बात कह रहे हैं।