मध्यप्रदेश में जारी अतिथि विद्वानों का विरोध, शिक्षा मंत्री ने दिए सकारात्मक संकेत

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मध्यप्रदेश में जारी अतिथि विद्वानों का विरोध, शिक्षा मंत्री ने दिए सकारात्मक संकेत

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  • Publish Date - February 12, 2018 / 09:14 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:04 PM IST

भोपालमध्यप्रदेश के कर्मचारी संगठनों का लगातार विरोध झेल रही मध्यप्रदेश सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही कुछ समय पहले संविदा शिक्षाकर्मियों को बड़ी सौगात देने वाली मध्यप्रदेश सरकार के सामने अब अतिथि विद्वानों की चुनौती आ खड़ी हुई प्रदेश के अलग-अलग शहरों में बड़ संख्या में अतिथि विद्वानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा बुलंद कर रखा है। भोपाल में रविवार के दिन महिला अतिथि विद्वानों द्वारा सड़कों पर बूट पाॅलिश करना, मुंडन करवा लेना और मांग पूरी नहीं होने पर राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की धमकी देने बाद सोमवार को भी प्रदेश के कई बड़े शहरों इसका असर देखने को मिला।

भोपाल के एमवीएम काॅलेज के स्टूडेंट्स भी अतिथि विद्वानों के पक्ष में खड़े हो गए कॉलेज के गेट पर ही स्टूडेंट्स और अतिथि विद्वान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। छात्रों ने शिवराज सरकार को चेतावनी भी दी है कि जब तक आंदोलन कर रहे अतिथि विद्वानों को नियमित नहीं किया जाता तब तक कॉलेज चलने नहीं देंगे। उधर अतिथि विद्वानों ने स्टूडेंट्स का सपोर्ट मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब सरकार को मांगेे माननी पड़ेगी क्योंकि छात्र शक्ति भी अब उनके साथ है। 

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प्रदेश भर में जारी विरोध प्रदर्शन के बाद मध्यप्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री ने खंड़वा में जारी अतिथि शिक्षकों की हडताल पर जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार नई भर्तियों में अतिथि शिक्षकों को 25 प्रतिशत आरक्षण देने पर विचार कर रही है। मंत्री ने आगे कहा कि हम अतिथि शिक्षकों का सम्मान करते है उन्होंने कम वेतन मान पर बच्चों का भविष्य संवारा है। उन्होंने बताया कि आगमी समय में 40 हजार नए शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इनमें 25 प्रतिशत आरक्षण देकर प्रदेश के करीब 10 हजार अतिथि शिक्षकों को परमानेंट करने पर हम विचार कर रहे है। 

 

 

वेब डेस्क, IBC24