शिक्षाकर्मियों की हड़ताल से सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है तो वो हैं स्कूल के छोटे छोटे बच्चों का। और अब बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने के लिए जिले के कई शासकीय कर्मचारियों ने स्कूलों का जिम्मा अपने ऊपर ले लिया है। आज जशपुर कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह ठाकुर ने सोगड़ा के हाईस्कूल एवं माध्यमिक स्कूल में अंग्रेजी एवं गणित की कक्षाएं ली.जिसे देखते हुए सभी ब्लॉक के अधिकारियों ने भी कार्यालयीन समय से पहले सुबह 7 से 10 बजे तक बच्चों के लिए चयनित स्कूलों में अपना योगदान दिया.
जशपुर कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि शिक्षा विकास का सबसे जरूरी पायदान है एवं हर शिक्षित व्यक्ति की यह सामाजिक जिम्मेदारी है कि वह अपने खाली समय में शिक्षा योगदान करे और आने वाली पीढ़ी को कुछ सिखाकर जाए. ऐसे समय में जब परीक्षाएं कुछ ही महीनों बाद है एवं कुछ शिक्षकों की हड़ताल चल रही है, यह और भी जरूरी हो जाता है की बच्चों के भविष्य को देखते हुए उनकी पढ़ाई निरंतर चलती रहे. अतएव सभी शासकीय एवं अशासकीय व्यक्तियों को अपने खाली समय का सदुपयोग बच्चों को अपने सार्म्थय अनुसार शिक्षा योगदान करके करना चाहिए। जिले के 180 से भी ज्यादा कर्मचारियों ने शनिवार की सुबह 7 से 10 बजे तक विभिन्न स्कूलों में बच्चों को शिक्षा दी. पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह ठाकुर ने कहा कि शिक्षा योगदान एक बहुत अच्छी मुहिम है और पुलिस के कर्मचारी भी अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के बाद अतिरिक्त समय में शिक्षा योगदान करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आज बच्चों को पढ़ा कर अच्छा लगा.
जशपुर तथा मनोरा विकासखण्ड में 52 से अधिक अधिकारी एवं कर्मचारियों ने अपना शिक्षा योगदान दिया। इसके अलावा कांसाबेल जनपद के 17 अधिकारी एवं कर्मचारी, बगीचा जनपद के 15 पत्थलगांव जनपद के 23, दुलदुला जनपद के 10, फरसाबहार जनपद के 12 और कुनकुरी जनपद के 21 अधिकारी एवं कर्मचारियों के द्वारा शिक्षा योगदान में अपना सहयोग प्रदान किया जा रहा है.