जिंदा होने का भी सबूत मांगी रही सरकार, बुजुर्ग 2 साल से ढूंढ रहा सबूत

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जिंदा होने का भी सबूत मांगी रही सरकार, बुजुर्ग 2 साल से ढूंढ रहा सबूत

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  • Publish Date - November 12, 2017 / 11:27 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:41 PM IST

बेमेतरा में एक बुजुर्ग अपने जिंदा होने का सबूत ढूंढ रहा है। गांव के दबंगों ने बुर्जुर्ग दंपत्ति का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर उनके एक मात्र गुजारे की जमीन बेच दी है। सरकारी दफ्तरों ने दबंगों को फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र  बनाकर तो दे दिया है, पर बुजुर्ग से उसके जिंदा होने का सबूत मांग रहे हैं। वहीं बुजुर्ग से बात करने पर उन्होंने कहा, मैं जिन्दा हूं…. यहां कागज ही सबूत है, जिंदा आदमी की क्या बिसात, इस दौर में प्रापर्टी पर गिध्द कैसे नजरें गड़ाए बैठे रहते हैं, इस खबर से बयां होता है।

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दरअसल पुरा मामला नवागढ़ ब्लाक के भिलौनी गांव का है, जहां के 75 वर्षीय बहलगिरी की पत्नि संतन बाई के नाम पर 70 डिसमिल जमीन है। जिसकी कीमत लाखों में है, इसी जमीन से बुजुर्ग दम्पति का गुजारा चलता है। लेकिन  जमीन हड़पने के लिए गांव के दबंगों ने दंपत्ति का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर जमीन बेच दी।  अब बुजुर्ग पिछले दो साल से अपने खुद के  जिन्दा होने की दलील देते हुए दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। लेकिन अधिकारी उससे उसके जिंदा होने का सबूत मांग रहे है। 

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पटवारी, तहसीलदार से गुहार लगाकर हार चुका पीड़ित कलेक्टर के दर पर इंसाफ के लिए पहुंचा, कलेक्टर ने शुरुआती जांच में बुजुर्ग दंपत्ति से फर्जीवाड़ा की बात स्वीकार की है। सवाल केवल फर्जी तरीके से जमीन बेचने का नहीं है, जिन लोगों ने जिंदा दंपत्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया उनकी जांच का भी है। 2 साल से खुद के जिंदा होने का सबूत ढ़ूढ़ रहे बुजुर्ग को शायद इसी जन्म में न्याय मिल पाए। हम बस इसकी उम्मीद ही कर सकते हैं। 

 

वेब डेस्क, IBC24