पन्ना। साल 2009 में बाघ विहीन हो चुके पन्ना टाइगर रिजर्व में एक बार बाघों का कुनबा फिर बढ़ा था और करीब 42 से अधिक बाघ इस टाइगर रिजर्व में मौजूद थे। लेकिन बाघों की संख्या बढ़ने और उनका ठीक ढंग से रखरखाव ना होने के चलते पन्ना टाइगर रिजर्व से कई बाघ बाहर निकल चुके हैं।
करीब 8 से लेकर 10 भाग बाघ पन्ना टाइगर रिजर्व की सीमा को छोड़कर बाहर निकल गए हैं। ऐसे में प्रबंधन का कहना है कि वास्तव में कई बाघ पन्ना टाइगर रिजर्व की सीमा को छोड़कर भागे हैं। हालांकि जब इस मामले को लेकर मीडिया ने पार्क प्रबंधन के आला अधिकारियों से बात की तो पार्क प्रबंधन के आला अधिकारियों का सीधे-सीधे जवाब था कि टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ी है और बाघों की संख्या बढ़ने से पार्क एरिया छोटा हो गया है, इसलिए टाइगर अपनी टेरिटरी बनाते हैं।
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प्रबंधन के मुताबिक यह एक सामान्य प्रक्रिया है। बता दें कि जिस तरह से बाघ पन्ना टाइगर रिजर्व की सीमा को छोड़कर बाहर निकल रहे हैं, उससे शिकारी भी सक्रिय हो रहे हैं। अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो एक बार फिर पन्ना टाइगर रिजर्व में शिकारियों की दस्तक होने से भी कोई नहीं रोक सकता और पुराना इतिहास लौटने में भी समय नही लगेगा।