नौकरी के लिए ईरान भेजा गया युवक भारतीय दूतावास की मदद से घर लौटा

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नौकरी के लिए ईरान भेजा गया युवक भारतीय दूतावास की मदद से घर लौटा

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  • Publish Date - January 10, 2021 / 07:24 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:15 PM IST

शाहजहांपुर (उप्र), 10 जनवरी (भाषा) विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी कर ईरान भेजे गये शाहजहांपुर जिले का एक युवक वहां भारतीय दूतावास की मदद से आखिरकार अपने वतन लौट आया।

शाहजहांपुर से भाजपा सांसद अरुण सागर ने रविवार को ‘भाषा’ को बताया कि कलान थाना क्षेत्र के जखिया गांव में रहने वाले देवेंद्र सिंह का बेटा रिंकू (24) पिछली 14 दिसंबर को नौकरी करने ईरान गया था, जिसके लिए उससे साढे़ तीन लाख रुपये लिए गए थे। उन्होंने बताया कि उसे बड़े जहाज पर काम करने की बात कह कर ले जाया गया था मगर उसे एक छोटी नाव पर काम दिया गया, जिसके बाद उसे अपने साथ ठगी किए जाने का एहसास हुआ।

सांसद ने बताया कि रिंकू के पिता ने उन्हें बताया कि उनका बेटा ईरान में फंस गया है और नौकरी देने वालों ने उसके तमाम कागजात जब्त कर लिए हैं और डर की वजह से रिंकू खेतों में छुपकर रह रहा है।

सागर ने बताया कि रिंकू के पिता ने उनसे गुजारिश की थी कि वह उसे वापस अपने देश लाने में मदद करें।

सांसद ने बताया कि इसके बाद उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात की और 23 दिसंबर को ई-मेल के माध्यम से उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया।

सागर ने बताया कि इसके बाद भारतीय दूतावास ने पिछले दो जनवरी को रिंकू को सरकारी खर्चे पर ईरान से वापस भारत भेज दिया हैl

इस बीच पीड़ित रिंकू ने फोन पर बताया कि उसने मर्चेंट नेवी का कोर्स किया था और इसी दौरान उसकी मुलाकात मेरठ के रहने वाले सौरभ से हुई थी जो मर्चेंट नेवी में काम कर रहा है।

रिंकू ने बताया कि उसने सौरभ से काम दिलवाने की बात कही । सौरभ ने उससे साढे़ तीन लाख रुपये लेकर 14 दिसंबर को उसे एक एजेंट के माध्यम से मुंबई से ईरान भेज दियाl

रिंकू ने बताया कि ईरान पहुंचने पर एक चीफ इंजीनियर ने उसका पासपोर्ट और वीजा वगैरह अपने कब्जे में ले लिया तथा एक छोटी नाव पर उसे काम करने के लिए रख दिया गया। इसके अलावा उसके कमरे में साथ में रहने वाले एक व्यक्ति ने उसे चाकू से डराया जिससे वह बुरी तरह खौफजदा हो गया।

रिंकू ने बताया कि इसके बाद वह वहां से भाग गया और खेतों में रात काटता रहा। चीफ इंजीनियर के लोग उसे ढूंढ रहे थे। इसी बीच, सांसद अरुण सागर द्वारा की गई कार्यवाही का असर हुआ और भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने उसे व्हाट्सएप पर संपर्क किया।

भाषा सं सलीम रंजन

रंजन