(Eternal Share Price Fall/ Image Credit: ANI News)
नई दिल्ली: Eternal Share Price Fall जोमैटो की पैरेंट कंपनी इटरनल के शेयर में लगातार पांचवें दिन गिरावट देखने को मिली है। पिछले पांच दिनों में स्टॉक में 9% की गिरावट देखी गई है और एक महीने में यह 17% टूट चुका है। वर्तमान में शेयर 254.25 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है, जिसमें 5.13% की गिरावट देखने को मिल रही है। आज दिन के दौरान यह शेयर 251.80 के निचले स्तर और 264.90 रुपये के उच्चतम स्तर तक गया था।
इटरनल के शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह क्विक कॉमर्स सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा बताई जा रही है। अमेजन नाउ और अमेजन फ्रेश जैसे बड़े नामों ने इस क्षेत्र में कदम रखा है, जिसके चलते इटरनल पर दबाव बना है। फ्लिपकार्ट मिनिट्स भी क्विक डिलीवरी सेगमेंट में सक्रिय हो गया है और जेप्टो के आईपीओ की खबर ने भी बाजार में हलचल मचाई है। विशेषज्ञों के अनुसार, जेप्टो और इंस्टामार्ट, ब्लिंकिट से 3-4% सस्ते हो सकते हैं, जिससे इटरनल के स्टॉक पर और दबाव देखने को मिला।
जेफरीज का मानना है कि हालांकि क्विक कॉमर्स में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, फिर भी इस क्षेत्र का कुल मार्केट आकर्षक है। साथ ही, कंपनी के नए कदमों को लेकर उम्मीदें भी हैं। इन सभी बदलावों के बावजूद, कंपनी के लिए भविष्य में सकारात्मक बदलाव की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
| Metric | Value |
| Current Price | ₹254.25 INR |
| Price Change | −₹13.75 (−5.13%) |
| Date & Time | 24 Feb, 3:00 PM IST |
| Opening Price | ₹260.00 INR |
| Day’s High | ₹264.90 INR |
| Day’s Low | ₹251.80 INR |
| Market Cap | ₹2.31 L Cr |
| P/E Ratio | 1,011.54 |
| 52-Week High | ₹368.45 INR |
| Dividend | No Dividend |
| Quarterly Dividend | No Dividend |
| 52-Week Low | ₹209.86 INR |
इटरनल में गिरावट के बावजूद, कंपनी के प्रमुख दीपेंद्र गोयल के इस्तीफे के बाद भी मैनेजमेंट ने स्थिति पर स्पष्ट किया है। दीपेंद्र गोयल ने CEO पद से इस्तीफा देने के बाद कहा था कि वे अधिक रिस्क और प्रयोग की ओर बढ़ने का इरादा रखते हैं। हालांकि, उन्होंने कंपनी में किसी हिस्से की बिक्री की योजना नहीं बनाई है और मुनाफा को सुधारने के लिए कोई भी अस्थायी कदम नहीं उठाए जाएंगे।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।