(Stock To Buy/ Image Credit: ANI News)
Stock To Buy: ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने अपनी सेक्टर ऑफ द वीक रिपोर्ट में डिफेंस सेक्टर को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में रक्षा निर्माण से जुड़ी योजनाओं में तेजी आई है। इसकी बड़ी वजह डिफेंस कैपिटल एक्विजिशन को तेजी से मिल रही मंजूरियां है, जिससे आने वाले सालों में डिफेंस कंपनियों को मजबूत ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
विंटर सेशन के दौरान डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने करीब 790 अरब रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसके साथ ही FY26 के लिए अब तक कुल मंजूरी 3.3 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच गई है। यह रकम सालाना डिफेंस कैपिटल बजट से लगभग दोगुनी है, जो रक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश की ओर संकेत करती है।
हाल में मंजूर किए गए प्रस्तावों में गोला-बारूद, मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस, निगरानी, कम्युनिकेशन सिस्टम, ट्रेनिंग उपकरण, ड्रोन और नौसेना से जुड़े साधन शामिल हैं। जो यह दर्शाता है कि सरकार केवल कुछ बड़े हथियार प्लेटफॉर्म पर नहीं, बल्कि सेना, नौसेना और वायु सेना के व्यापक आधुनिकीकरण पर काम कर रही है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स और सिस्टम आधारित कंपनियों को लगातार काम मिलने की संभावना बढ़ी है।
मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, एक्स्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स (AMPL) डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी अब सबसिस्टम सप्लायर से आगे बढ़कर सिस्टम-लेवल सॉल्यूशन प्रोवाइडर बन रही है। इसकी मजबूत मौजूदगी रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और स्पेस सिस्टम्स में है। कंपनी की ऑर्डर बुक करीब 22 अरब रुपये की है, जो आने वाले वर्षों में तगड़ी कमाई का संकेत देती है। इसका टारगेट प्राइस 1100 रुपये रखा गया है।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) डिफेंस सेक्टर की बड़ी लाभार्थी मानी जा रही है। यह भारत में रडार, कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम की प्रमुख सप्लायर है। DAC से रडार और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े करीब 79,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी मिली है, जो BEL के बिजनेस से सीधे जुड़े हैं। मजबूत ऑर्डर बुक, बढ़ते एक्सपोर्ट और सरकारी प्रोजेक्ट्स के चलते BEL के शेयर का टारगेट 500 रुपये तय किया गया है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।