(Stock Market Today/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Stock Market Today: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर साफ तौर पर नजर आ रहा है और निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे बाजारों के लिए संकेत कमजोर नजर आ रहे हैं। खासतौर पर ईरान से जुड़े हालात और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती चिंता ने निवेशकों की बेचैनी बढ़ा दी है। इसका सीधा असर एशियाई और अमेरिकी फ्यूचर्स पर देखने को मिल रहा है।
गिफ्ट निफ्टी करीब 85 से 100 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है, जिससे भारतीय बाजार की कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी खुले हैं, लेकिन चीन और हॉन्ग कॉन्ग के बाजार छुट्टी के कारण बंद हैं। इससे क्षेत्रीय बाजारों में गतिविधि सीमित रही।
गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में निचले स्तरों से रिकवरी देखने को मिली, लेकिन अंत में इंडेक्स लगभग सपाट बंद हुए। डॉव जोन्स में हल्की गिरावट रही, जबकि S&P 500 और नैस्डैक में हल्की बढ़त दर्ज की गई। डॉलर इंडेक्स करीब 100 के स्तर पर स्थिर बना हुआ है। वहीं येन 160 प्रति डॉलर के आसपास बना हुआ है, जो निवेशकों की सतर्कता को दिखाता है। यूरो और पाउंड में हल्की कमजोरी देखी गई, जबकि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में थोड़ी मजबूती आई।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। होर्मुज को लेकर नई समयसीमा और तनाव बढ़ने के कारण क्रूड ऑयल 111 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। वहीं, दूसरी ओर डॉलर की मजबूती का असर सोने की कीमतों पर पड़ा है। कॉमेक्स गोल्ड में गिरावट आई है और यह 4700 डॉलर के नीचे फिसल गया है, जिससे सुरक्षित निवेश विकल्पों में भी दबाव दिख रहा है।
मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत दे रही हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है, इसलिए जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना जरूरी है। कमजोर शुरुआत के बावजूद गिरावट में अच्छे शेयरों में खरीदारी के मौके भी बन सकते हैं। निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, खासकर पश्चिम एशिया के हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।