India 6g Vision / Image Source: IBC24
India 6G Vision: भारत में 5G के तेजी से प्रसार के बाद, सरकार अब ‘भारत 6G विज़न’ के तहत 6G तकनीक के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य 2030 तक भारत को उन्नत दूरसंचार नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाना है। सरकार के अनुसार, भारत का 6G विज़न सामर्थ्य, स्थिरता और सार्वभौमिक पहुँच के सिद्धांतों पर आधारित है, ताकि ये तकनीक सभी नागरिकों तक सुरक्षित और समान रूप से पहुँच सके।
ये पहल न केवल भारत की डिजिटल क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि देश को अगली पीढ़ी की संचार तकनीक में विश्व की प्रतिस्पर्धा में भी एक बड़ा लीड बनाएगी। 6G तकनीक के माध्यम से उच्च गति, कम विलंबता और अत्याधुनिक नवाचारों को संभव बनाया जाएगा, जिससे स्मार्ट शहर, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं का विस्तार और तेज होगा।
भारत में 5G नेटवर्क के तेज़ी से फैलने के बाद अब सरकार का ध्यान 6G तकनीक पर है। इसके लिए सरकार ने ‘भारत 6G विज़न’ नाम का मिशन शुरू किया है। इसका लक्ष्य है कि 2030 तक भारत को दुनिया में दूरसंचार नवाचार का केंद्र बनाया जाए। सरकार के मुताबिक, ये मिशन किफ़ायत, स्थिरता और सबके लिए पहुँच के सिद्धांतों पर बना है, ताकि 6G तकनीक देश के हर नागरिक तक सुरक्षित और समान रूप से पहुँच सके।
ये कदम न सिर्फ भारत की डिजिटल क्षमता को और मज़बूत करेगा, बल्कि देश को नई पीढ़ी की संचार तकनीक में ग्लोबल कॉम्पिटिशन में आगे भी ले जाएगा। 6G तकनीक से इंटरनेट की स्पीड बहुत ज़्यादा बढ़ेगी, लेटेंसी यानी नेटवर्क की देरी बहुत कम होगी, और स्मार्ट सिटी, IoT (Internet of Things) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों का इस्तेमाल और तेज़ी से हो पाएगा।
सरकार ने साफ़ कहा है कि भारत अब 6G की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। भारत उन देशों में होगा जहां सबसे पहले 6G सर्विस शुरू की जाएगी। 5G को सबसे तेज़ी से लागू करने के बाद, अब सरकार का पूरा ध्यान ‘भारत 6G विज़न मिशन’ पर है। इस मिशन का मकसद है कि 6G से जुड़े सभी विशेषज्ञों, कंपनियों और संस्थानों को एक साथ लाया जाए और नई संभावनाओं की खोज की जाए।
ये 5G से करीब 1000 गुना तेज़ होगा। जहाँ 5G की स्पीड लगभग 1Gbps तक जाती है, वहीं 6G में ये स्पीड 1000Gbps तक पहुँच सकती है। इसका मतलब है कि कुछ ही सेकंड में भारी-भरकम डेटा डाउनलोड या अपलोड किया जा सकेगा यानी इंटरनेट का अनुभव बिजली जैसी तेज़ी से होगा।
रिपोर्ट के अनुसार, 6G आने के बाद रिमोट सर्जरी, एडवांस रोबोटिक्स, स्मार्ट सिटी और इमर्सिव विज़ुअल अनुभव बेहतर होंगे। भारत के 6G रोडमैप के अनुसार, 2035 तक इस क्षेत्र की हिस्सेदारी राष्ट्रीय GDP में बढ़ेगी। सरकार का अनुमान है कि आने वाले सालों में 6G से भारत की GDP में करीब 1.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान होगा।