OpenAI Smartphone: अब हर काम एक ही जगह, बिना किसी ऐप के! OpenAI का अनोखा फोन कर देगा मोबाइल ऐप्स की छुट्टी, आखिर ये कैसे मुमकिन होगा?
OpenAI Smartphone: ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI एक नया स्मार्टफोन तैयार कर रही है जो मोबाइल ऐप्स पर निर्भर नहीं होगा। यह फोन AI एजेंट्स की मदद से काम करेगा और यूजर की जरूरत समझकर खुद ही काम पूरा कर देगा। इससे फोन का इस्तेमाल और भी आसान और स्मार्ट हो जाएगा।
(OpenAI Smartphone/ Image Credit: Pixabay)
- OpenAI एक AI आधारित स्मार्टफोन पर काम कर रही है
- फोन में पारंपरिक मोबाइल ऐप्स की जरूरत नहीं होगी
- AI एजेंट्स यूजर के टास्क खुद पूरा करेंगे
OpenAI Smartphone: आने वाले समय में क्या मोबाइल ऐप्स की जरूरत खत्म होने वाली है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI एक ऐसे स्मार्टफोन पर काम कर रही है जो पूरी तरह से AI एजेंट्स पर आधारित होगा। इस फोन में अलग-अलग ऐप्स की जरूरत नहीं होगी और यह यूजर के काम को खुद समझकर पूरे कर देगा। इसमें Apple के पूर्व डिजाइन चीफ Jony Ive भी शामिल बताए जा रहे हैं।
ऐप्स की जगह AI एजेंट्स करेंगे काम
माना जा रहा है कि यह नया फोन पारंपरिक ऐप सिस्टम को बदल देगा। हर काम के लिए अलग ऐप खोलने की बजाय यह फोन खुद समझेगा कि यूजर को क्या चाहिए और तुरंत उस काम को पूरा करेगा। यह एक तरह से स्मार्ट असिस्टेंट की तरह काम करेगा। जो लगातार यूजर की जरूरतों को समझता रहेगा।
कैसे काम करेगा AI फोन?
OpenAI का यह डिवाइस AI एजेंट्स पर आधारित होगा। जो यूजर के व्यवहार, स्थिति और जरूरत को रियल टाइम में समझेंगे। उदाहरण के लिए अगर आपको कोई जानकारी चाहिए या कोई काम करना है तो फोन खुद ही सही तरीके से उसे पूरा कर देगा। इसमें क्वॉलकॉम और मीडियाटेक जैसे चिप निर्माताओं के साथ साझेदारी की बात भी सामने आई है।
कब लॉन्च हो सकता है यह फोन?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फोन का बड़े स्तर पर उत्पादन 2028 के आसपास शुरू हो सकता है। इसे बनाने के लिए Luxshare जैसी कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर के रूप में जोड़ा जा सकता है। हालांकि अभी तक OpenAI की ओर से कोई आधिकारिक लॉन्च डेट घोषित नहीं की गई है।
OpenAI का हार्डवेयर में एंट्री क्यों?
OpenAI सिर्फ सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रहना चाहती। फोन बनाने का मकसद हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों पर नियंत्रण हासिल करना है। ताकि यूजर को बेहतर AI अनुभव मिल सके। इसके जरिए कंपनी यूजर डेटा और व्यवहार को बेहतर तरीके से समझ सकेगी। जिससे AI एजेंट और अधिक स्मार्ट बन सकेंगे। यह कदम मोबाइल टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकता है।
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