Bullet Train / Image Source: Social Media/Instagram: @helloindia.official
Bullet Train: मुंबई-अहमदाबाद के बीच देश की पहली बुलेट ट्रेन साल 2029 तक पूरी तरह तैयार होकर ट्रैक पर दौड़ने लगेगी। अगस्त 2027 से सूरत और वापी के बीच करीब 100 किलोमीटर की दूरी इस सुपरफास्ट ट्रेन में तय की जा सकेगी। वहीं पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दिसंबर से यात्रियों के लिए अपनी सेवाएं शुरू कर देगी। रेल मंत्री ने जानकारी दी कि बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।
मुंबई से अहमदाबाद के बीच फैली 508 किलोमीटर की दूरी पर चलने वाली ये हाईस्पीड बुलेट ट्रेन 2029 में पूरी रुट पर धड़धड़ाती नजर आएगी। मंत्रालय ने बताया है कि पहले चरण में यात्री सूरत से वापी तक 100 किलोमीटर का सफर अगस्त 2027 से कर पाएंगे। वहीं, देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अगले महीने यानी दिसंबर से यात्रियों को सेवा देना शुरू कर देगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश का पहला बुलेट ट्रेन कॉरिडोर 2029 तक पूरी तरह पूरा हो जाएगा। उम्मीद है कि शुरुआती फेज में ये ट्रेन अगस्त 2027 से सूरत और वापी के बीच 100 किलोमीटर के हिस्से में दौड़ना शुरू कर देगी। पहले चरण में इसे सूरत से बिलिमोरा के बीच 50 किलोमीटर तक चलाने की योजना थी, जिसे अब बढ़ाकर सूरत-वापी कर दिया गया है। रेल मंत्री ने कहा कि 320 किमी/घंटा की रफ्तार से चलते हुए बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच सिर्फ चार स्टेशनों पर रुकते हुए 508 किलोमीटर की दूरी 1 घंटा 58 मिनट में तय कर लेगी और अगर ये सभी 12 स्टेशनों पर रुकती है, तो पूरा सफर 2 घंटे 17 मिनट में पूरा होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल ही में सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन दौरे पर मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री निर्माण की गति से बेहद खुश थे। पीएम मोदी ने कहा था कि इस प्रोजेक्ट से जो सीख मिल रही है, उसका फायदा सिर्फ रेलवे को ही नहीं, बल्कि कई अन्य क्षेत्रों में भी उठाया जाएगा। भविष्य में बुलेट ट्रेन देश के और शहरों को भी जोड़ेगी-दिल्ली से अमृतसर समेत कई रूटों पर विचार चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक बाद में इसे टियर-2 और टियर-3 शहरों तक जोड़ने की योजना भी है।
Bullet Train: अब बात स्लीपर वंदे भारत की करें तो रेल मंत्री वैष्णव के अनुसार देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अगले महीने यानी दिसंबर से यात्रियों को सेवा देना शुरू कर देगी। इसका पहला कमर्शियल रन किन शहरों के बीच होगा, इस पर अभी चर्चा जारी है और फिलहाल इसका ट्रायल चल रहा है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर के शुरुआती वर्जन में काफी सुधार किए गए हैं। इसकी सीटें पहले से ज्यादा आरामदायक बनाई गई हैं और सफर के दौरान यात्रियों को जर्क बिल्कुल महसूस न हो, इसके लिए सस्पेंशन, स्प्रिंग्स और कई अन्य हिस्सों में बदलाव किए गए हैं। लक्ष्य है- यात्रियों को एक असली वर्ल्ड-क्लास और आरामदायक यात्रा अनुभव देना।