शह मात The Big Debate: धर्मांतरण वाला व्यवधान.. सनातन बोर्ड से समाधान! हिंदुत्व के नए प्रोटोकॉल पर सवाल, क्या बिना तिलक धार्मिक आयोजनों में एंट्री बैन सही कदम है?

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धर्मांतरण वाला व्यवधान.. सनातन बोर्ड से समाधान! हिंदुत्व के नए प्रोटोकॉल पर सवाल, Demand for Formation of Sanatan Board

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  • Publish Date - July 8, 2026 / 11:42 PM IST,
    Updated On - July 9, 2026 / 12:15 AM IST

रायपुरः Demand for Sanatan Board छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण की समस्या को खत्म करने सनातन बोर्ड बनाने की मांग उठी है। जाने-माने कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सनातन बोर्ड की मांग की है, जिसके बाद बीजेपी और कांग्रेस फिर आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने बीजेपी सरकार को सनातन धर्म का ठेकेदार बताते हुए तंज कसा है तो बीजेपी ने कांग्रेस को सनातन विरोधी बताते हुए आरोप खारिज किया है।

Demand for Sanatan Board प्रदेश और देश के सबसे बड़ी चिंताओं में से एक धर्मांतरण को रोकने, सनातन बोर्ड अहम भूमिका निभा सकते हैं। ये मानना है प्रख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का। श्रीमदभगवत गीता पर अपनी कथा के आयोजन में छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान, देवकीनंदन ठाकुर ने सनातन बोर्ड समेत विभिन्न मुद्दों पर खुलकर राय रखी। उन्होंने कहा कि अगर मंदिरों का एक सनातन बोर्ड बन जाए तो आदिवासियों का निशुल्क इलाज हो सकेगा, बच्चों की शादी सकेगी, शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, जिससे धर्मांतरण रुकेगा। इसी के साथ उन्होंने कहा कि- धार्मिक आयोजनों में तिलक लगाने पर ही एंट्री मिलनी चाहिए।

इधर, प्रदेश में धर्मांतरण रोकने अब तक नए धर्म स्वतंत्रता कानून को लागू करने की बहस में पड़े पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने सनातन बोर्ड को लेकर एक-दूसरे पर आरोपों के तीखे बाण चलाए। ये तो सौ फीसदी सत्य है कि प्रदेश में कई धर्मांतरण गिरोह सक्रिय हैं। जो ऑर्गेनाइज तरीके से छोटी-छोटी सभाएं कर लालच, चमत्कार और भय के जोर पर लोगों को कन्वर्ट कर रहा है, जिसके लिए इन्हें विदेशी फंडिग मिलने के भी आरोप हैं। सरकार और समाज दोनों के स्तर पर इसे रोकने कई-कई उपायों पर बहस छिड़ी रहती है। ऐसे में क्या सनानत बोर्ड आदिवासियों और सनातनियों को धर्मांतरित होने से रोक सकते हैं?

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