भिलाईः छत्तीसगढ़ में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं, क्योंकि भिलाई नगर सीट का विधानसभा चुनाव अब विवादों में है। पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय की चुनाव याचिका में आरोप लगाया गया था कि देवेंद्र यादव ने अपने हलफनामे में चुनावी शपथपत्र में अपने खातों, आय, संपत्ति और लंबित आपराधिक मामलों से जुड़े आवश्यक जानकारियां छिपाई है। इस मामले में हाईकोर्ट ने ये तय किया है कि इस पर सुनवाई होगी यानी देवेंद्र यादव की मुश्किलें बढ़नी वाली हैं।
भिलाई नगर विधानसभा चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय की चुनाव याचिका में हाईकोर्ट ने विधायक देवेंद्र यादव को राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने उनकी उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें बिना साक्ष्य और गवाहों के केवल प्रारंभिक कानूनी बिंदुओं के आधार पर मामले का निपटारा करने की अपील की गई थी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि विवादित तथ्यों का फैसला नियमित ट्रायल के बाद ही होगा और अगली सुनवाई 4 अगस्त 2026 को होगी।
इस बीच मामले पर सियासत भी तेज हो गई है। बीजेपी ने सोशल मीडिया पर इसे 2023 में चोरी की जीत बताते हुए निशाना साधा। वहीं, गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि अब अदालत में सुनवाई के बाद फैसला आएगा, जबकि कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू ने बीजेपी पर मामले का राजनीतिकरण कर कांग्रेस को बदनाम करने का आरोप लगाया। फिलहाल हाईकोर्ट ने चुनाव की वैधता पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है, बल्कि मामले की नियमित सुनवाई का रास्ता साफ किया है। अब अदालत में गवाहों, दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे। ऐसे में सबकी निगाहें 4 अगस्त की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस हाई-प्रोफाइल चुनावी विवाद की दिशा तय होगी।