Whatsapp Passkey Feature: क्या है WhatsApp का ये नया Passkey फीचर? कैसे बिना OTP के लॉगिन होगा और क्या यह सच में सेफ है?

Whatsapp Passkey Feature: व्हाट्सएप के Passkey फीचर में OTP की जरूरत नहीं होती। यूजर अपने फोन का पासवर्ड, फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक का इस्तेमाल करके सीधे WhatsApp में लॉगिन कर सकता है। इससे लॉगिन प्रक्रिया आसान और तेज हो जाती है और सुरक्षा भी बेहतर मानी जाती है क्योंकि कोड शेयर करने की जरूरत नहीं होती।

Whatsapp Passkey Feature: क्या है WhatsApp का ये नया Passkey फीचर? कैसे बिना OTP के लॉगिन होगा और क्या यह सच में सेफ है?

(Whatsapp Passkey Feature/ Image Credit: Pixabay)

Modified Date: April 13, 2026 / 11:08 am IST
Published Date: April 13, 2026 11:08 am IST
HIGHLIGHTS
  • WhatsApp ने नया Passkey लॉगिन फीचर लॉन्च किया।
  • अब OTP डालने की जरूरत नहीं पड़ती।
  • फिंगरप्रिंट, फेस अनलॉक या पिन से लॉगिन संभव।

Whatsapp Passkey Feature: WhatsApp ने अपने यूजर्स की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए Passkey नाम का नया लॉगिन फीचर शुरू किया है। इस फीचर की मदद से अब बार-बार OTP डालने की जरूरत नहीं पड़ती। यूजर सीधे अपने फोन के फिंगरप्रिंट, फेस अनलॉक या स्क्रीन लॉक पिन से लॉगिन कर सकते हैं। इससे लॉगिन प्रक्रिया पहले से बेहतर और आसान हो गई है।

Passkey कैसे काम करता है?

Passkey सिस्टम में किसी भी तरह का SMS या कोड नहीं आता। जब यूजर लॉगिन करता है तो सिस्टम उसके फोन के अंदर मौजूद सिक्योरिटी लॉक का उपयोग करके पहचान की पुष्टि करता है। यानी आपका फोन ही आपकी पहचान बन जाता है। इससे पासवर्ड या OTP याद रखने या डालने की झंझट खत्म हो जाती है और लॉगिन बिना रुकावट के पूरा हो जाता है।

OTP और Passkey में क्या अंतर है?

OTP (वन टाइम पासवर्ड) एक कोड होता है जो SMS के जरिए यूजर के मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। इसे मैन्युअली ऐप में डालना पड़ता है और यह कुछ समय बाद एक्सपायर हो जाता है। वहीं Passkey में किसी कोड की जरूरत नहीं होती। इसमें यूजर सिर्फ बायोमेट्रिक या डिवाइस लॉक का इस्तेमाल करके सीधे ऐप में लॉगिन कर सकता है। जिससे प्रक्रिया काफी आसान हो जाती है।

कौन ज्यादा सुरक्षित है?

सुरक्षा के मामले में Passkey को OTP से ज्यादा मजबूत माना जा रहा है। OTP को कई बार हैकर्स फिशिंग या सिम स्वैप जैसी तकनीकों से चुरा सकते हैं। लेकिन Passkey में फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक जैसी बायोमेट्रिक डिटेल्स का इस्तेमाल होता है, जिसे कॉपी करना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए यह फीचर ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

Passkey और OTP में कौन है बेस्ट?

अगर आपका डिवाइस Passkey सपोर्ट करता है तो यह OTP से बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। यह न सिर्फ तेज और आसान है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बेहतर है। हालांकि OTP अभी भी जरूरी है, खासकर तब जब नया फोन या डिवाइस इस्तेमाल किया जाता है या अकाउंट रिकवरी करनी होती है। कुल मिलाकर Passkey यूजर एक्सपीरियंस को ज्यादा आसान और सुरक्षित बनाता है।

इन्हें भी पढ़ें:


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।