zimbabwe vs australia match turning points || Image- ESPN Cricket File
कोलंबो: आज टी-20 विश्वकप में खेले गए 19वें मुकाबले में जिम्बाब्वे ने बड़ा उलटफेर कर दिया। अपेक्षाकृत कमजोर मानी जा रही जिम्बाब्वे की टीम ने पहले बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन किया और फिर गेंदबाजी में कंगारू टीम के छक्के छुड़ा दिए। जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से हराकर सुपर-8 चरण के लिए अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है, (zimbabwe vs australia match turning points) वहीं अब ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है। कमजोर टीम से मिली हार के बाद अब ऑस्ट्रेलिया को श्रीलंका जैसी मजबूत टीम के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। ऐसे में अब उनके अगले चरण में पहुँचने की संभावनाओं पर आशंका के बादल मंडराने लगे हैं।
अंकगणित के मुताबिक टी-20 विश्वकप में 4 समूह भाग ले रहे हैं। सभी समूहों में 5-5 टीमें शामिल हैं। इस तरह हर ग्रुप से केवल दो टीमें ही सुपर-8 के लिए क्वालीफाई कर सकती हैं। इसके लिए जरूरी है कि वे अपने चार मुकाबलों में कम से कम तीन में जीत हासिल करें। लेकिन सिर्फ जीत से ही काम नहीं बनेगा, बल्कि जीत का अंतर भी नेट रनरेट के लिहाज से बेहतर होना चाहिए।
बात ऑस्ट्रेलिया की करें तो उन्होंने अपना पहला मुकाबला आयरलैंड के खिलाफ खेला था और उस मैच में 67 रनों से जीत हासिल की थी। आज की हार के बाद ऑस्ट्रेलिया ग्रुप-B में तीसरे स्थान पर खिसक गई है, जबकि इस समूह में अपने दोनों मुकाबले जीतने वाली श्रीलंका पहले और जिम्बाब्वे दूसरे स्थान पर है। जिम्बाब्वे के बाकी तीन मुकाबले आयरलैंड और श्रीलंका के साथ हैं। (zimbabwe vs australia match turning points) यदि यह टीम आयरलैंड को भी हरा देती है तो वह सुपर-8 के लिए क्वालीफाई कर जाएगी, वहीं यदि श्रीलंका ऑस्ट्रेलिया पर जीत दर्ज करती है तो वह भी आसानी से अगले चरण में पहुँच जाएगी।
इस तरह देखा जाए तो ग्रुप-B से अगले चरण के लिए श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया की जगह जिम्बाब्वे ने ले ली है। अब सभी की नजर 16, 17 और 19 फरवरी को होने वाले मुकाबलों पर टिकी हुई है। यही तीन मैच सुपर-8 की तस्वीर साफ करेंगे।
आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज मेट रेनशॉ ने जिम्बाब्वे के हाथों टी20 विश्व कप में मिली 23 रन से हार का ठीकरा आर प्रेमदासा स्टेडियम की पिच पर नहीं फोड़ा और कहा कि उपमहाद्वीप की टीमें आस्ट्रेलिया दौरे पर रफ्तार और उछाल वाली पिचों को लेकर कभी शिकायत नहीं करती हैं । रेनशॉ के 44 गेंद में 65 रन के बावजूद आस्ट्रेलियाई टीम 146 रन पर आउट हो गई ।
रेनशॉ ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “क्रिकेट ऐसा ही है । उपमहाद्वीप की टीमें आस्ट्रेलिया आती हैं तो कभी उछाल और रफ्तार को लेकर शिकायत नहीं करती हैं । आजकल क्रिकेट ऐसा ही है और आपको अलग-अलग पिचों पर खेलने में सक्षम होना होगा।” (zimbabwe vs australia match turning points) उन्होंने यह भी मानने से इनकार किया कि बिग बैश लीग में कठोर और उछालभरी आस्ट्रेलियाई पिचों पर खेलने के बाद धीमी पिचों पर खेलने में दिक्कत आई।
उन्होंने कहा, “बिग बैश लीग के दौरान आस्ट्रेलियाई विकेटों में काफी उछाल रहता है । भारत में अलग तरह की पिचें होंगी जिन पर बड़े स्कोर बनेंगे क्योंकि बाउंड्री भी छोटी होगी।” रेनशॉ ने आगे कहा, ‘यहां बाउंड्री काफी बड़ी है लेकिन यही क्रिकेट है। हालात के अनुकूल खुद को ढालना होता है।”