लखनऊ। Lucknow Fire Accident: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस और आगरा के प्रस्तावित दौरे समेत मंगलवार के अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी शोक व्यक्त करते हुए मंगलवार के अपने संगठनात्मक कार्यक्रम स्थगित कर दिए।
SIT की जांच टीम पहुंची घटनास्थल
Lucknow Fire Accident आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अलीगंज अग्निकांड की जांच के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की छह सदस्यीय टीम मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे घटनास्थल पर पहुंची। टीम का नेतृत्व निदेशक आदर्श कुमार कर रहे हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) भी जल्द ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार दोपहर अलीगंज स्थित तीन मंजिला इमारत में आग लग गई थी, जिसमें एक एनिमेशन प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित हो रहा था। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश छात्र थे और नौ अन्य घायल हुए। हादसे के एक दिन बाद मंगलवार को अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित उषा मेहता मार्ग पर मौजूद जली हुई इमारत के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर आवाजाही पर रोक लगा दी।
इस बीच, रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई। स्थानीय निवासी हेमंत श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘यह एक टाइम बम की तरह है। नियमों की अनदेखी कर रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिसके परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं। कई लोगों ने आसपास की इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया। आग लगने की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अलीगढ़ में अपना कार्यक्रम बीच में छोड़कर लखनऊ लौट आए थे।
Lucknow Fire Accident उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
Lucknow Fire Accident मुख्यमंत्री आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। इसमें अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात और एडीजी, लखनऊ जोन, प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। एसआईटी को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार को गिरफ्तार किए गए लोगों में रामकृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), तुषार कृष्ण जायसवाल (31) और सुरेश कुमार साहू शामिल हैं। इसके अलावा बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण के चार अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है।
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