लखनऊ, 18 जनवरी (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बुधवार को अजय मिश्रा की जमानत अर्जी मंजूर कर ली जो भ्रष्टाचार के एक मामले में कानपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक के साथ आरोपी हैं।
पाठक और प्राइवेट कंपनी के मालिक अजय मिश्रा के खिलाफ इंदिरा नगर थाने में वसूली व भ्रष्टाचार का मामला दर्ज है।
आदेश पारित करते हुए पीठ ने पाया कि पाठक को मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, लेकिन न तो एसटीएफ और न ही सीबीआई ने अब तक उनसे कोई पूछताछ की है।
न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की खंडपीठ ने मिश्रा की जमानत याचिका पर आदेश पारित किया।
अपने आदेश में पीठ ने यह भी कहा कि अब मामले की जांच सीबीआई कर रही है और यह नहीं कहा जा सकता कि जांच पूरी करने में कितना समय लगेगा। विशेष कार्य बल ( एसटीएफ) ने पाठक को नोटिस दिया था, लेकिन वह पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे।
दोनों अभियुक्तों के खिलाफ 29 अक्टूबर 2022 को इंदिरा नगर थाने में डेविड मारियो डेनिस ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि पाठक के आगरा विश्वनविदयालय के कुलपति रहने के दौरान उसकी कंपनी द्वारा किए गए कार्यों के भुगतान के लिए अभियुक्तों ने 15 प्रतिशत कमीशन वसूला। उसने आरोप लगाया कि उससे कुल एक करोड़ 41 लाख रुपये की वसूली अभियुक्तों द्वारा जबरन की जा चुकी है।
मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है, जिसने सात जनवरी को पाठक (53) के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
भाषा सं जफर
संतोष
संतोष