Home » Uttar Pradesh » Ayodhya: Mobiles stolen in the crowd in Ayodhya, then accounts cleared using UPI, this is how cyber thugs of Jamtara gang used to carry out the crime
Ayodhya: अयोध्या में भीड़ में मोबाइल चोरी, फिर UPI से खाते साफ, ऐसे अंजाम देते थे वारदात जामताड़ा गैंग के साइबर ठग
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अयोध्या में भीड़ में मोबाइल चोरी, फिर UPI से खाते साफ, ऐसे अंजाम देते थे वारदात...Ayodhya: Mobiles stolen in the crowd in Ayodhya
अयोध्या: Ayodhya: अयोध्या पुलिस को साइबर क्राइम के कई मामले को खुलासा करने में सफलता मिली है। झारखंड के जामताड़ा का एक गिरोह पकड़ा गया है जो अयोध्या में भीड़ भाड़ वाले स्थान पर या अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं से उसका मोबाइल चोरी करके यूपीआई या सिम के माध्यम से उसके खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे।
Ayodhya: ऐसे कई मुकदमे अयोध्या जनपद में दर्ज थे जिसको लेकर अयोध्या पुलिस जांच कर रही थी। जांच के दौरान साइबर क्राइम के चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं उनके पास से चोरी के 10 मोबाइल बरामद हुए हैं। इसके साथ ही 4 लाख 97 हजार 500 रुपए जो यूपीआई के मदद से ट्रांसफर किए गए थे उसको पीड़ित के खाते में वापस कराए गए हैं।
Ayodhya: एसएसपी डॉक्टर गौरव गौर ने बताया कि झारखंड के एक गिरोह जो जामताड़ा में काम करता है उसके गिरोह के अन्य साथी अयोध्या व आसपास के जिलों में भीड़ भाड़ इलाके में मोबाइल चोरी करके गैंग के ही दूसरे टीम को देते थे जो मोबाइलों में गूगल के माध्यम से यूपीआई बनाकर उस खाते में जमा सारे पैसे निकाल लेते थे। ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पकड़े के चारों साइबर अपराधी झारखंड के रहने वाले हैं।
"साइबर क्राइम" से जुड़े अपराधों की पहचान कैसे करें?
साइबर क्राइम से जुड़े अपराधों में अचानक बैंक खाते से पैसे निकलना, अनजाने नंबर से कॉल आना, मोबाइल चोरी के बाद खाते से ट्रांजैक्शन होना जैसे मामले शामिल होते हैं। अगर ऐसा कुछ हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
अगर "मोबाइल चोरी" हो जाए तो क्या करना चाहिए?
मोबाइल चोरी होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराएं, मोबाइल नेटवर्क बंद करवाएं और बैंक खातों व यूपीआई को अस्थायी रूप से ब्लॉक करवा दें।
"UPI फ्रॉड" से पैसे वापस कैसे मिल सकते हैं?
यदि समय रहते शिकायत दर्ज की जाती है और अपराधियों को पकड़ लिया जाता है, तो पुलिस तकनीकी सहयोग से ट्रांजैक्शन ट्रैक कर पीड़ित को पैसे वापस दिलवा सकती है, जैसा कि अयोध्या मामले में हुआ।
"जामताड़ा गिरोह" क्या है और यह कैसे काम करता है?
जामताड़ा गिरोह झारखंड स्थित एक साइबर अपराधी नेटवर्क है, जो पूरे भारत में मोबाइल चोरी कर, उसमें मौजूद डेटा से यूपीआई के जरिए पैसे चुराने जैसे अपराधों को अंजाम देता है।
क्या "साइबर क्राइम की रिपोर्ट" ऑनलाइन की जा सकती है?
हां, आप www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर जाकर साइबर क्राइम से संबंधित किसी भी घटना की शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।