Dairy Master Plan In UP/ image osurce: ibc24
Dairy Master Plan In UP: लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वदेशी गायों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से एक व्यापक डेरी मास्टर प्लान तैयार किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। सरकारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्यभर में चार प्रमुख योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और स्वदेशी पशुधन को प्रोत्साहित करना है। सरकार की इस रणनीति को ‘ऑपरेशन-4’ के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह चार प्रमुख योजनाओं पर आधारित है। इनमें मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के तहत दो से 25 गायों की डेरी इकाइयों पर लाखों रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है।
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुखेश मेश्राम ने बताया कि सरकार उन्नत स्वदेशी गायों की नस्लों के पालन के लिए बड़ी सब्सिडी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत डेरी इकाइयों की स्थापना और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। (Dairy Master Plan In UP) इन योजनाओं का वित्तीय मॉडल भी विशेष है, जिसमें 15 प्रतिशत लाभार्थी निवेश, 35 प्रतिशत बैंक ऋण और 50 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान शामिल है। इससे छोटे और मध्यम किसानों के लिए डेरी व्यवसाय शुरू करना आसान हो रहा है।
Dairy Master Plan In UP: मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के तहत दो गायों की इकाई पर 80,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे राज्य में आधुनिक डेरी नेटवर्क विकसित करने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत उच्च दूध उत्पादन देने वाली स्वदेशी गायों को पालने वाले पशुपालकों को 10,000 से 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इससे नस्ल संरक्षण और दुग्ध उत्पादन दोनों को बढ़ावा मिल रहा है। सरकार विशेष रूप से गिर, साहीवाल और गंगातीरी जैसी उन्नत स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और संवर्धन पर ध्यान केंद्रित कर रही है। (Dairy Master Plan In UP) इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है और महिलाओं व युवाओं को डेरी क्षेत्र से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
अपर मुख्य सचिव मुखेश मेश्राम ने कहा, “सरकार की स्वदेशी गाय आधारित योजनाओं का असर अब जमीन पर दिखने लगा है।” उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के तहत 1,500 से अधिक इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं, जबकि प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत 7,500 से अधिक पुरस्कार वितरित किए जा चुके हैं। (Dairy Master Plan In UP) इसी तरह नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 72 और मिनी नंदिनी योजना के तहत 245 डेरी इकाइयां स्थापित की गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।’
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