PM Modi Netherlands Visit: नीदरलैंड्स दौरे के बीच अचानक इस डैम पर पहुंचे पीएम मोदी, वादियां देख हुए मंत्रमुग्ध, वॉटर मैनेजमेंट सिस्टम को लेकर कह दी ये बड़ी बात

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PM Modi Netherlands Visit: नीदरलैंड्स दौरे के बीच अचानक इस डैम पर पहुंचे पीएम मोदी, वादियां देख हुए मंत्रमुग्ध, वॉटर मैनेजमेंट सिस्टम को लेकर कह दी ये बड़ी बात

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  • Publish Date - May 17, 2026 / 06:26 PM IST,
    Updated On - May 17, 2026 / 06:29 PM IST

pm modi news/ image source: narendra modi x handle

HIGHLIGHTS
  • पीएम मोदी ने डैम का दौरा
  • डच जल प्रबंधन की सराहना
  • भारत-नीदरलैंड सहयोग पर चर्चा

PM Modi Netherlands Visit: नीदरलैंड दौरे के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने जल प्रबंधन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में दुनिया के सबसे उन्नत उदाहरणों में शामिल Afsluitdijk Dam का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ नीदरलैंड के प्रधानमंत्री Dick Schoof भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने समुद्री सुरक्षा, बाढ़ नियंत्रण, जल संरक्षण और क्लाइमेट चेंज से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।

पीएम मोदी ने क्या कहा ?

पीएम मोदी ने इस दौरे को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि भविष्य की वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण सीख बताया। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन के क्षेत्र में नीदरलैंड ने पूरी दुनिया के लिए एक मॉडल पेश किया है, जिसे अपनाकर कई देश अपने जल संकट और बाढ़ जैसी समस्याओं को कम कर सकते हैं।

Afsluitdijk Dam दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में से एक माना जाता है। यह डैम समुद्र के खारे पानी को नियंत्रित करने, बाढ़ से सुरक्षा देने और मीठे पानी को संरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह नीदरलैंड के उस ऐतिहासिक प्रयास का प्रतीक है, जिसमें देश ने समुद्र के खिलाफ बड़े पैमाने पर तकनीकी समाधान विकसित किए। समुद्र तल से नीचे बसे क्षेत्रों को सुरक्षित रखने में इस डैम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।

भारत सरकार के अनुसार, यह परियोजना केवल एक संरचना नहीं बल्कि आधुनिक तकनीक, नवाचार और दूरदर्शिता का उदाहरण है। पीएम मोदी ने भी इसे जल प्रबंधन के क्षेत्र में वैश्विक सीख का स्रोत बताया।

दौरे के बाद पीएम मोदी ने कहा कि भारत भी जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रबंधन के लिए तेजी से आधुनिक तकनीकों को अपना रहा है। उन्होंने बताया कि इससे न केवल सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि बाढ़ से बचाव और जल संरक्षण की दिशा में भी सुधार आएगा।

भारत और नीदरलैंड के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी

इस बैठक में भारत और नीदरलैंड के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। दोनों देशों ने जल प्रबंधन, समुद्री तकनीक और क्लाइमेट रेजिलिएंस के क्षेत्र में संयुक्त परियोजनाओं पर काम करने की संभावनाओं पर चर्चा की। विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती बाढ़, समुद्र स्तर में वृद्धि और पानी की कमी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए यह साझेदारी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

इस प्रोजेक्ट पर भी हुई चर्चा

बैठक में भारत के महत्वाकांक्षी Kalpasar Project पर भी चर्चा हुई। यह परियोजना खंभात की खाड़ी में बड़े जलाशय और बांध के निर्माण से जुड़ी है, जिसका उद्देश्य मीठे पानी का भंडारण बढ़ाना, सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करना और पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाना है। साथ ही इससे ऊर्जा उत्पादन और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पीएम मोदी की इस यात्रा में क्लाइमेट चेंज का मुद्दा प्रमुख रहा। दोनों देशों ने माना कि बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट सिस्टम बेहद जरूरी हैं। नीदरलैंड पहले से ही इस क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है, जबकि भारत भी अब इसी दिशा में बड़े स्तर पर काम कर रहा है।

यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के चार देशों के यूरोप दौरे का हिस्सा है, जिसमें स्वीडन, नॉर्वे, इटली और नीदरलैंड शामिल हैं। इस दौरे के दौरान व्यापार, रक्षा, तकनीक और जल प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

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