लखनऊ, 15 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल ‘राजनीतिक स्वतंत्रता’ नहीं है, बल्कि अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, निरक्षरता और असमानता से पूरी तरह मुक्ति भी है।
लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिस स्वतंत्र वातावरण में प्रत्येक भारतीय आजादी का अनुभव कर रहा है, वह भारत माता के महान सपूतों के बलिदान, तपस्या और शहादत का परिणाम है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सच है कि आपसी कलह और षड्यंत्रों के कारण देश गुलाम बना, लेकिन भारत ने अपने हृदय और मस्तिष्क में कभी गुलामी को स्वीकार नहीं किया। पराधीनता के खिलाफ संघर्ष और आंदोलन देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग समय पर हुए।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1857 का स्वतंत्रता संग्राम देश की आजादी की लड़ाई का महत्वपूर्ण पड़ाव था। शहीद मंगल पांडेय के नेतृत्व में बैरकपुर से लेकर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और मेरठ के धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व तक स्वतंत्रता की वह लौ दिखाई दी, जो आगे चलकर देश के हर गांव, जिले और प्रांत तक पहुंची।
उन्होंने कहा कि उस समय सभी देशवासियों के मन में भारत को विदेशी गुलामी से मुक्त कराने का विश्वास और संकल्प था।
आदित्यनाथ ने कहा कि देश को बांटने या कमजोर करने वाली ताकतों के प्रति सभी को सतर्क रहना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के प्रयासों को आगे बढ़ाना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए भी महत्वपूर्ण है। पहली बार उत्तर प्रदेश के पुलिस निरीक्षक सुनील कुमार को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। उन्होंने सुनील कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश में कानून का शासन स्थापित करने के संकल्प को निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
बाद में योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित विधान भवन के बाहर भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए विशेष कार्यबल (एसटीएफ) के निरीक्षक सुनील कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसटीएफ निरीक्षक सुनील कुमार ने शामली में मुठभेड़ के दौरान चार कुख्यात अपराधियों को मार गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हालांकि, इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में वीरगति को प्राप्त हुए।
उन्होंने कहा कि सुनील कुमार को मिला सम्मान उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रत्येक जवान के शौर्य, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान को राष्ट्रीय श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अपने जीवन की परवाह किए बिना नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं।
आदित्यनाथ ने कहा कि कानून-व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधारों के साथ उत्तर प्रदेश बीमारू प्रदेश की छवि से निकलकर सुशासन के मॉडल की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश अब ‘एक जिला, एक माफिया’ की स्थिति से आगे बढ़कर ‘एक जिला, एक उत्पाद’, ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’, ‘एक जिला, एक व्यंजन’, ‘एक मंडल, एक विश्वविद्यालय’, ‘एक मंडल, एक अटल आवासीय विद्यालय’ और ‘एक मंडल, एक फॉरेंसिक प्रयोगशाला’ जैसी योजनाओं की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने नीतिगत कमजोरी से उबरकर खुद को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 36 क्षेत्रों के लिए नीतियां लागू हैं और 75,000 एकड़ से अधिक का भूमि बैंक उपलब्ध है।
भाषा
राजेंद्र रवि कांत