Medical College with wifes body on stretcher : पत्नी की मौत के बाद शव लेकर पार्किंग में बैठा रहा पति, बारिश में मां के पास रोती रही 8 साल की बच्ची, फिर एक सिपाही ने जो किया, जीत लिया सबका दिल

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झांसी मेडिकल कॉलेज में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया, जहां पत्नी की मौत के बाद शव घर ले जाने के पैसे नहीं होने पर एक बेबस पति घंटों स्ट्रेचर पर शव रखकर मदद का इंतजार करता रहा। बारिश के बीच 8 साल की बेटी मां के शव के पास बैठकर रोती रही। बाद में मेडिकल कॉलेज चौकी के गार्ड की पहल से एंबुलेंस बुलाकर शव को घर भेजा गया।

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  • Publish Date - September 4, 2026 / 07:13 PM IST,
    Updated On - September 4, 2026 / 07:25 PM IST

Medical College with wifes body on stretcher

HIGHLIGHTS
  • शव वाहन के पैसे नहीं होने पर स्ट्रेचर पर शव रखकर मदद का इंतजार करता रहा पति
  • बारिश में 8 साल की मासूम मां के शव के पास बैठकर रोती रही
  • गार्ड अजय की पहल से निजी एंबुलेंस बुलाकर शव को घर भेजा गया

झांसी : Jhansi Medical College Horror :  उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश के ओरछा निवासी एक गरीब ग्रामीण अपनी पत्नी की मौत के बाद शव को घर ले जाने के लिए पैसे न होने के कारण उसे घंटों स्ट्रेचर पर रखकर मेडिकल कॉलेज की पार्किंग में बैठा रहा। इस दौरान बारिश के बीच उसकी 8 साल की मासूम बेटी अपनी मां के शव के पास बैठकर रोती रही, जिससे अस्पताल परिसर की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल ओरछा निवासी राहुल आदिवासी अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी रामवती को ओरछा अस्पताल के डॉक्टर द्वारा की गई आर्थिक मदद से टैक्सी करवाकर झांसी मेडिकल कॉलेज लाया था। हालांकि, डॉक्टरों ने रामवती को मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद राहुल के सामने शव को अपने गांव ले जाने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई।

स्ट्रेचर पर शव रखकर किया मदद का इंतजार

शव वाहन के पैसे न होने की वजह से वह स्ट्रेचर पर शव रखकर इमरजेंसी की पार्किंग में लगभग एक घंटे से अधिक समय तक मदद का इंतजार करता रहा। बारिश के बीच मासूम बच्ची अपनी मृत मां के पास बैठी रही। बाद में जब मेडिकल कॉलेज चौकी के गॉर्डअजय की नजर इस बेबस परिवार पर पड़ी, तो उसने तुरंत निजी पहल कर एंबुलेंस बुलाई और शव को घर भिजवाया।

क्या बोले सीएमएस ?

इस पूरे मामले पर मेडिकल कॉलेज के सीएमएस सचिन माहौर का कहना है कि परिजनों द्वारा मांग किए जाने पर शव वाहन दिया जाता है, लेकिन संभवतः परिजनों ने इसकी जानकारी डॉक्टरों को नहीं दी थी। Medical College इसके बावजूद उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है। आखिरकार पुलिस सिपाही की तत्परता से पीड़ित परिवार को राहत मिली और शव को सम्मानपूर्वक उनके घर भेजा जा सका।

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झांसी मेडिकल कॉलेज में क्या मामला सामने आया?

पत्नी की मौत के बाद शव को घर ले जाने के लिए पैसे नहीं होने पर एक गरीब व्यक्ति स्ट्रेचर पर शव रखकर मेडिकल कॉलेज की पार्किंग में मदद का इंतजार करता रहा।

मृत महिला की 8 साल की बेटी के साथ क्या हुआ?

बारिश के दौरान 8 साल की बच्ची अपनी मां के शव के पास बैठी रही और रोती रही।

परिवार की मदद कैसे हुई?

मेडिकल कॉलेज चौकी के गार्ड अजय की नजर परिवार पर पड़ी। उन्होंने निजी पहल करते हुए एंबुलेंस बुलवाई और शव को परिवार के घर भिजवाया।