वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर किया गया दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का अंतिम संस्कार

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वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर किया गया दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का अंतिम संस्कार

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  • Publish Date - June 13, 2026 / 08:13 PM IST,
    Updated On - June 13, 2026 / 08:13 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

वाराणसी (उप्र) 13 जनवरी (भाषा) दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ किया गया। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

जसपाल राणा के पार्थिव शरीर को देहरादून से विशेष विमान द्वारा वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे पर लाया गया।

हवाई अड्डे के एयर कार्गो परिसर में पार्थिव शरीर को रखा गया, जहां लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और सलामी दी गई। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में परिजनों, शुभचिंतकों और समर्थकों के साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र विधायक पंकज सिंह, भाजपा के प्रदेश मंत्री शंकर गिरी एवं अन्य भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

हवाई अड्डे से उनके पार्थिव शरीर को एंबुलेंस के जरिए राजघाट लाया गया, जहां से एंबुलेंस कोर्ट के माध्यम से शव को मणिकर्णिका घाट पहुंचाया गया।

जसपाल राणा के परिजनों ने बताया कि उन्होंने इच्छा जताई थी कि उनकी मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार काशी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाए।

परिजनों के अनुसार इसलिए देहरादून से उनके पार्थिव शरीर को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर लाकर अंत्‍येष्टि की गयी।

भारतीय राष्ट्रीय राइफल (एनआरएआई) ने दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा के निधन पर शुक्रवार को शोक व्यक्त करते हुए कहा था, ‘‘जसपाल राणा जैसा दूसरा कोई नहीं होगा।’’

राणा का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वह 49 वर्ष के थे।

राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में कई स्वर्ण पदक जीतने वाले तथा अर्जुन और द्रोणाचार्य पुरस्कारों से सम्मानित राणा 50 वर्ष के होने से कुछ ही सप्ताह दूर थे।

एनआरएआई के अध्यक्ष कलिकेश सिंह देव ने बयान में कहा, ‘‘निशानेबाजी जगत सदमे में है और हमें अब भी इस पर विश्वास नहीं हो रहा है क्योंकि हमें यही बताया गया था कि सर्जरी के बाद वह ठीक हो रहे हैं।’’

उत्तराखंड के रहने वाले राणा ने अपने शानदार करियर के दौरान एशियाई खेलों में चार स्वर्ण पदक और राष्ट्रमंडल खेलों में नौ स्वर्ण पदक जीते। उन्होंने अटलांटा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया।

भाषा सं आनन्‍द

राजकुमार

राजकुमार