लखनऊ अग्निकांड: मुख्यमंत्री ने रद्द किए सभी कार्यक्रम, जांच में जुटीं फॉरेंसिक टीम और एसआईटी
लखनऊ अग्निकांड: मुख्यमंत्री ने रद्द किए सभी कार्यक्रम, जांच में जुटीं फॉरेंसिक टीम और एसआईटी
लखनऊ, 23 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में तीन मंजिला एक व्यावसायिक भवन में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस और आगरा के प्रस्तावित दौरे समेत मंगलवार के अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए।
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी शोक व्यक्त करते हुए मंगलवार के अपने संगठनात्मक कार्यक्रम स्थगित कर दिए।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अलीगंज अग्निकांड की जांच के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की छह सदस्यीय टीम मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे घटनास्थल पर पहुंची।
टीम का नेतृत्व निदेशक आदर्श कुमार कर रहे हैं।
विशेष जांच दल (एसआईटी) ने भी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बनाई गई एसआईटी में अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रवीण कुमार शामिल हैं।
प्रवीण कुमार ने घटनास्थल पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम यहां घटना के सभी पहलुओं की जांच करेंगे। हम तय समय में जांच पूरी करेंगे और जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।’’
एसआईटी टीम के पहुंचने से पहले, सुबह फॉरेंसिक विशेषज्ञों की छह सदस्यीय टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
इस जांच का मकसद आग लगने की वजह का पता लगाना है।
पुलिस ने बताया कि एसआईटी टीम में अधिकारियों के साथ करीब 10 लोग जांच के लिए पहुंचे।
एसआईटी ने इमारत में लोगों के फंसने, दरवाजे और खिड़कियों के साथ ही वातानुकूलित मशीनों की भी जांच की।
एसआईटी ने मौके से कुछ अहम साक्ष्य जुटाए और लोगों से जानकारी भी हासिल की।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “हमने अलीगंज की उस इमारत को (निर्माण) नियमों के उल्लंघन पर एक बार फिर गिराने का नोटिस जारी किया है, जहां सोमवार को आग लगी थी।”
कुमार ने बताया, “हमने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अधिकारियों की पहचान करने और लापरवाही में उनकी भूमिका का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।”
अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार दोपहर अलीगंज स्थित तीन मंजिला इमारत में आग लग गई थी।
इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश छात्र थे और नौ अन्य लोग घायल हुए थे।
हादसे के एक दिन बाद मंगलवार को अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित उषा मेहता मार्ग पर मौजूद इमारत के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर आवाजाही पर रोक लगा दी।
इस बीच, रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई।
स्थानीय निवासी हेमंत श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘यह एक ‘टाइम बम’ की तरह है। नियमों की अनदेखी कर रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिसके परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं।’’
कई लोगों ने आसपास की इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया।
आग लगने की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अलीगढ़ में अपना कार्यक्रम बीच में छोड़कर लखनऊ लौट आए थे।
उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।
इसमें अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात और एडीजी, लखनऊ जोन, प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है।
एसआईटी को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, सोमवार को गिरफ्तार किए गए लोगों में रामकृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), तुषार कृष्ण जायसवाल (31) और सुरेश कुमार साहू शामिल हैं।
इसके अलावा बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण के चार अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को हादसे में मृत सभी 15 मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस मामले पर कहा, “इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं और एक एसआईटी बनाई गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने कहा, “जहां तक दो घायलों की बात है, तो दोनों खतरे से बाहर हैं। एक घायल को ज्यादा गंभीर चोटें आई हैं, जिसमें रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर भी शामिल है और दूसरा घायल व्यक्ति पूरी तरह स्थिर है। उसके पैर में चोट है हालांकि दोनों खतरे से बाहर हैं।”
उपमुख्यमंत्री इस हादसे में जान गंवाने वाले कई मृतकों की अंत्येष्टि में भी शामिल हुए।
भाषा आनन्द जितेंद्र
जितेंद्र

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