लखनऊ, एक सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ को व्यापक जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए और ग्राम पंचायत तथा न्याय पंचायत स्तर तक सरकार की उपलब्धियों की जानकारी पहुंचाई जाए।
यह जानकारी यहां जारी एक सरकारी बयान में दी गई।
बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने और प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा।
एक महीने तक चलने वाले इस अभियान में 13 प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण, विकास और जनभागीदारी की जानकारी समाज के हर वर्ग तक पहुंचाई जाएगी।
अभियान के प्रमुख कार्यक्रमों में ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर-सेवाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘रंगोली राष्ट्र एवं घर-घर से राष्ट्र तक’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ और ‘जनसेवा महाकुंभ’ शामिल हैं।
बयान के अनुसार, प्रमुख स्मारकों पर लेजर शो, प्रमुख तीर्थस्थलों पर महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान, ग्राम चौपाल और सीधा संवाद भी अभियान का हिस्सा होंगे। मुख्यमंत्री ने अभियान की कार्ययोजना पर मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की निरंतर यात्रा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस अवधि में देश में हुए नीतिगत सुधारों, जनकल्याणकारी कार्यों और ऐतिहासिक बदलावों को जनता के सामने प्रभावी ढंग से रखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्षों और प्रदेश सरकार के 10 वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों से आम नागरिक के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की वास्तविक तस्वीर सामने आनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल सरकार की उपलब्धियों को बताना नहीं बल्कि युवाओं, महिलाओं, किसानों और वंचित वर्गों समेत प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना भी है।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, लाभार्थियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि अभियान को वास्तविक जनभागीदारी का स्वरूप दिया जाए।
भाषा आनन्द जितेंद्र
जितेंद्र