बरेली में सास और साले की हत्या का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया

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बरेली में सास और साले की हत्या का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया

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  • Publish Date - March 17, 2026 / 03:56 PM IST,
    Updated On - March 17, 2026 / 03:56 PM IST

बरेली (उत्तर प्रदेश), 16 मार्च (भाषा) बरेली में पंचायत बैठक के दौरान पत्नी को चाकू मारने और सास तथा साले की हत्या करने का आरोपी एक व्यक्ति पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी अफसर खान (40) और साइमा (28) की नौ साल पहले शादी हुई थी और उनके दो बच्चे हैं।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते पांच दिन पहले महिला मायके आई थी और मामले को सुलझाने के लिए सोमवार को पंचायत बैठक बुलाई गई।

पुलिस ने बताया कि बैठक के दौरान, पेशे से एंबुलेंस चालक अफसर खान ने अपनी सास आसमा (54) और साले आदिल (20) की चाकू मारकर हत्या कर दी।

अधिकारी ने बताया कि जब पत्नी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो हमला करके उसे भी घायल कर दिया। पुलिस ने बताया कि महिला की मां और भाई की मौत हो गई, जबकि उसे खुद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने बताया कि पंचायत बैठक के दौरान हत्याएं होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी।

आर्य ने कहा कि मंगलवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि अफसर मुड़िया अहमदनगर के सहारा मैदान में अवैध हथियार लेकर मौजूद है और अस्पताल जाकर पत्नी की हत्या करने की कोशिश कर सकता है।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने उसे बार-बार आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन इसके बजाय उसने पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी।

एसएसपी ने कहा कि पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसके परिणामस्वरूप अफसर गंभीर रूप से घायल हो गया।

एसएसपी ने बताया कि उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

उन्होंने बताया कि गोलीबारी के दौरान दो पुलिसकर्मी – कांस्टेबल रूपेंद्र और अनुराग – भी घायल हो गए और फिलहाल जिला अस्पताल में उनका इलाज किया जा रहा है।

एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के पास से एक पिस्तौल और एक चाकू बरामद किया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अफसर के खिलाफ पहले कई आपराधिक मामले दर्ज थे। 2009 में, अफसर ने अपने मामा की हत्या कर दी थी। बिथरी चैनपुर थाने में मामला दर्ज होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

अदालत से जमानत मिलने के बाद वह अपने गांव लौट आया था। हालांकि, पुलिस सूत्रों के अनुसार, जेल से रिहा होने के बाद भी उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ।

अधिकारियों ने बताया कि उसके खिलाफ चोरी का मामला भी दर्ज है।

भाषा सं जफर शोभना जोहेब

जोहेब