पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में महिला समेत दो व्यक्ति गिरफ्तार

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पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में महिला समेत दो व्यक्ति गिरफ्तार

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 10:02 PM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 10:02 PM IST

गाजियाबाद (उप्र), 23 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश पुलिस ने कथित तौर पर दुबई के रास्ते पार्सल से और व्हाट्सऐप नंबरों के जरिए इस देश की गोपनीय जानकारियां पड़ोसी देश पाकिस्तान को उपलब्ध कराने को लेकर एक महिला समेत दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है और एक किशोर को हिरासत में लिया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि ये गिरफ्तारियां रविवार को की गईं।

उसने बताया कि इससे पहले महिलाओं समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया और नाबालिगों को हिरासत में लिया गया ।

पुलिस का कहना है कि आज गिरफ्तार किये गये लोगों की पहचान मथुरा की मीरा ठाकुर (28) और हरियाणा के फरीदाबाद के नौशाद अली (20) के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार नौशाद मूल रूप से बिहार का है जबकि तीसरा संदिग्ध एक नाबालिग है।

अपर पुलिस आयुक्त राजकरण नैयर ने सोमवार को बताया कि जासूसी में संलिप्त यह गिरोह सरदार उर्फ जोरावर सिंह नामक व्यक्ति को गोपनीय सूचना भेज रहा था, जोरावर सिंह पाकिस्तान से एक जासूसी रैकेट चलाता है।

पुलिस ने कहा कि इससे पहले गिरफ्तार आरोपियों में सुहैल मलिक उर्फ रोमियो, साने इब्राहिम उर्फ महक, प्रवीण, राज वाल्मिकी, शिवा वाल्मिकी, रितिक गंगवार, गणेश, विवेक, गगन कुमार प्रजापति, दुर्गेश निषाद, नौशाद अली और मीरा शामिल हैं।

इस जासूसी रैकेट का भंडाफोड़ 13 मार्च को किया गया था और मीरा एवं सुहैल पिछले कई वर्षों से साथ साथ काम कर रहे थे। पूछताछ के दौरान मीरा ने बताया कि वह फेसबुक के जरिए सुहैल से मिली जिसके बाद वह इस गिरोह में शामिल हुई।

अपर पुलिस आयुक्त नैयर के मुताबिक, मीरा को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा 2025 में हथियारों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार मीरा ने यह भी कहा कि वह मुंबई पुलिस की मुखबिर थी।

नौशाद ने पुलिस को बताया कि वह अन्य आरोपियों से विभिन्न सोशल मीडिया मंचों के जरिए जुड़ा और वह पाकिस्तान में सरदार के सीधे संपर्क में था। उसने कबूल किया कि उसने सुरक्षा, पुलिस प्रतिष्ठानों और दिल्ली और अन्य राज्यों में रेलवे स्टेशनों की रेकी की थी और वह फोटो एवं वीडियो आगे बढ़ा रहा था।

पुलिस के अनुसार भारत में यह गिरोह बिजनौर निवासी सुहैल उर्फ रोमियो चला रहा था तथा उसने गिरोह के अन्य सदस्यों की भर्ती की थी।

पुलिस का कहना है कि सुहैल हर सूचना के लिए 5,000 रुपये दे रहा था तथा वह पंजाब के जरिए पाकिस्तान से मनी ट्रांसफर सेंटरों एवं दुकानदारों के खातों में धन प्राप्त कर रहा था ताकि कोई उस पर संदेह ना कर सके।

हिरासत में लिए गए नाबालिग लड़के ने बताया कि उसने दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए थे। इस गिरोह को कम पढ़े लिखे हिंदू नाबालिग लड़कों को भर्ती करने का निर्देश था।

भाषा सं राजेंद्र

राजकुमार

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