मऊ (उत्तर प्रदेश), 18 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश विधान परिषद के एक सदस्य (एमएलसी) और दो अन्य लोगों के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके एक शैक्षणिक संस्थान पर कब्जा करने की कोशिश करने और लाखों रुपये के गबन के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
मामले में रायबरेली से शिक्षक एमएलसी उमेश द्विवेदी को नामजद किया गया है।
‘शिक्षक एमएलसी’ शिक्षकों (मतदाताओं की एक विशेष श्रेणी) द्वारा उत्तर प्रदेश के उच्च सदन विधान परिषद के लिए चुना गया सदस्य होता है।
पुलिस ने बताया कि रायक्वारेडीह स्थित शैक्षणिक संस्थानों के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह की शिकायत पर मऊ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश के बाद बुधवार को सराय लखंसी पुलिस ने द्विवेदी, मृदुला मिश्रा और मोहम्मद जावेद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
शिकायत के अनुसार, 22 सितंबर 2011 को रायक्वारेडीह में मौलाना अबुल कलाम आजाद एजुकेशन सोसाइटी का पंजीकरण हुआ था। अजीत के छोटे भाई अमित कुमार सिंह शुरुआत में इसके अध्यक्ष थे, जबकि मोहम्मद जावेद प्रबंधक थे।
15 अप्रैल 2021 को अमित की मृत्यु के बाद, अजीत को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया, जिसके बाद नौ नए सदस्यों को सोसाइटी में शामिल किया गया।
शिकायत में कहा गया है कि जावेद ने बाद में प्रबंधक पद से इस्तीफा दे दिया और गुलाम नबी को इस पद का प्रभार दिया गया।
अजीत ने आरोप लगाया कि दिवंगत अमित कुमार सिंह की पत्नी मृदुला मिश्रा ने कथित तौर पर द्विवेदी के राजनीतिक प्रभाव में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके खुद को सोसाइटी का अध्यक्ष घोषित कराने की कोशिश की।
भाषा सं जफर जोहेब
जोहेब