Middle East Conflict News: ईरान को इस मामले में बड़ी राहत देने जा रहा अमेरिका..? भारत को भी होगा फायदा, जंग के बीच सामने आई ये जानकारी

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Middle East Conflict News: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच वैश्विक तेल बाजार को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। United States अब Iran के तेल पर लगी पाबंदियों में राहत देने पर विचार कर सकता है।

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  • Publish Date - March 20, 2026 / 01:36 PM IST,
    Updated On - March 20, 2026 / 02:16 PM IST

DONALD TRUMP/ image source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • ईरानी तेल पर हट सकती रोक
  • 140 मिलियन बैरल बाजार में
  • कीमतों पर मिल सकती राहत

Middle East Conflict News: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच वैश्विक तेल बाजार को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। United States अब Iran के तेल पर लगी पाबंदियों में राहत देने पर विचार कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, समुद्र में जहाजों पर फंसा ईरानी तेल बाजार में उतारने की योजना बनाई जा रही है, ताकि दुनिया भर में बढ़ती तेल की कीमतों को काबू में किया जा सके।

अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने इस बारे में अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस समय करीब 140 मिलियन बैरल ईरानी तेल समुद्र में जहाजों पर स्टॉक के रूप में मौजूद है। अगर अमेरिका इन पर लगी रोक हटाता है, तो यह अतिरिक्त तेल बाजार में आ सकता है, जिससे सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।

US Oil Policy Update: ईरानी तेल पर हट सकती रोक

दरअसल, एक इंटरव्यू में स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह अतिरिक्त तेल करीब 10 से 14 दिनों तक बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। फिलहाल मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। ऐसे में यह कदम तात्कालिक राहत देने वाला साबित हो सकता है।

यह फैसला अमेरिका की पारंपरिक नीति से थोड़ा अलग माना जा रहा है। पहले अमेरिका, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उस पर दबाव बनाने के लिए तेल निर्यात पर कड़ी पाबंदियां लगाता रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में वैश्विक बाजार को स्थिर रखना प्राथमिकता बन गया है। इससे पहले Russia के तेल को लेकर भी अमेरिका ने कुछ समय के लिए नरमी दिखाई थी।

Middle East war oil impact: एशिया देशों को मिल सकता फायदा

अगर यह पाबंदी हटती है, तो अभी जो ईरानी तेल मुख्य रूप से China को भेजा जा रहा है, वह अन्य देशों तक भी पहुंच सकता है। इसमें India, Japan, Indonesia, Malaysia और Singapore जैसे देश शामिल हो सकते हैं। एशियाई देशों की खाड़ी क्षेत्र के तेल पर निर्भरता काफी ज्यादा है, इसलिए सप्लाई में थोड़ी सी भी कमी का असर सीधे कीमतों पर पड़ता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मौजूदा हालात में रोजाना लगभग 15 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में अमेरिका का यह संभावित कदम अल्पकालिक राहत जरूर दे सकता है, लेकिन दीर्घकाल में तेल बाजार की दिशा पूरी तरह मिडिल ईस्ट के हालात पर निर्भर करेगी।

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