Americs on Strait Of Hormuz: क्या दुनिया देखेगी नया समुद्री युद्ध? होर्मुज़ स्ट्रेट पर इस तरह से नाकाबंदी करेगा अमेरिका, ईरान ने दी कड़ी चुनौती
Americs on Strait Of Hormuz: मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को लेकर अमेरिका और ईरान आमने-सामने आ गए हैं।
america on hormuz/ image source: IBC24 FILE IMAGE
- होर्मुज़ स्ट्रेट बना टकराव का केंद्र
- अमेरिका ने नाकाबंदी की चेतावनी
- ईरान बोला टोल देना अनिवार्य
Americs on Strait Of Hormuz: मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को लेकर अमेरिका और ईरान आमने-सामने आ गए हैं। अमेरिकी नौसेना ने साफ संकेत दिए हैं कि वह होर्मुज़ से गुजरने वाले जहाजों की नाकाबंदी कर सकती है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि जो भी जहाज इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे रोका जाएगा और उसकी सघन जांच की जाएगी। इतना ही नहीं, अमेरिका ने चेतावनी दी है कि यदि किसी जहाज ने ईरान को टोल या शुल्क दिया, तो उसे सुरक्षित मार्ग नहीं दिया जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि यह कदम क्षेत्र में जारी संघर्ष को खत्म करने और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।
Hormuz Strait blockade: ईरान ने बताा उसका रुख
दूसरी ओर, ईरान ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ उसके नियंत्रण में है और यहां से गुजरने वाले जहाजों को टोल देना अनिवार्य होगा। ईरान के उप संसद अध्यक्ष हाजी बाबाई ने बयान देते हुए कहा कि जो भी जहाज इस मार्ग का उपयोग करेगा, उसे ईरान को शुल्क देना ही पड़ेगा। उन्होंने होर्मुज़ को तेहरान की “रेड लाइन” करार देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में किसी भी बाहरी दखल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ईरानी नेतृत्व का मानना है कि यह जलमार्ग उसकी संप्रभुता और रणनीतिक सुरक्षा से जुड़ा अहम हिस्सा है।
Hormuz Strait blockade: अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ेगा सीधा असर
इस टकराव के बीच वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक माना जाता है। यहां किसी भी तरह की नाकाबंदी या सैन्य तनाव का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है। इसी बीच ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। गार्ड्स ने स्पष्ट कहा है कि यदि इस रणनीतिक जलमार्ग के पास कोई भी सैन्य जहाज आता है, तो इसे सीजफायर का सीधा उल्लंघन माना जाएगा। उनके अनुसार, किसी भी देश का सैन्य जहाज यदि इस क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो उसके खिलाफ सख्ती और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।
Iran Revolutionary Guards warning: ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की बड़ी चेतावनी
ईरानी अधिकारियों ने यह भी कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह से ईरान की नौसेना के कंट्रोल और “स्मार्ट मैनेजमेंट” के तहत संचालित हो रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह मार्ग गैर-सैन्य जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है और उनके सुरक्षित आवागमन में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। हालांकि, सैन्य गतिविधियों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की सैन्य मौजूदगी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
Hormuz Strait tension: क्या लिखा है राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने?
इसी बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने अपने एक ताजा ट्वीट से संकेत दिया है कि तेहरान अमेरिका के साथ किसी समझौते पर पहुँचने के लिए तैयार है, बशर्ते वाशिंगटन “अपनी तानाशाही छोड़ दे” और ईरानी लोगों के अधिकारों का सम्मान करे। X पर एक पोस्ट में, पेज़ेशकियान ने कहा, “अगर अमेरिकी सरकार अपनी तानाशाही छोड़ देती है और ईरानी राष्ट्र के अधिकारों का सम्मान करती है, तो समझौते तक पहुँचने के रास्ते निश्चित रूप से मिल जाएँगे। (Iranian President Latest Tweet) मैं बातचीत करने वाली टीम के सदस्यों, विशेष रूप से मेरे प्यारे भाई, डॉ. ग़ालिबफ़ की सराहना करता हूँ और कहता हूँ, ‘ईश्वर आपको शक्ति दे।’”
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