Ben-Gvir Controversial Statement: बेन ग्विर ने मस्जिद को लेकर दिया विवादित बयान, कहा – ‘लगता है अल-अक्सा का मालिक हूं’, नेतन्याहू के मंत्री पर फुटा मुसलमानों का गुस्सा

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Ben-Gvir Controversial Statement: बेन ग्विर ने यरुशलम के ओल्ड सिटी में स्थित अल-अक्सा मस्जिद को लेकर एक विवादित बयान दिया है।

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  • Publish Date - April 13, 2026 / 06:56 PM IST,
    Updated On - April 13, 2026 / 06:58 PM IST

Ben-Gvir Controversial Statement/Image Credit: Ben-Gvir X Handle

HIGHLIGHTS
  • इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन ग्विर सुर्ख़ियों में हैं।
  • बेन ग्विर ने अल-अक्सा मस्जिद को लेकर एक विवादित बयान दिया है।
  • इस बयान के बाद मुसलमान आक्रोशित हो गए हैं।

Ben-Gvir Controversial Statement: नई दिल्ली: इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन ग्विर सुर्ख़ियों में हैं। इतमार बेन ग्विर ने यरुशलम के ओल्ड सिटी में स्थित अल-अक्सा मस्जिद को लेकर एक विवादित बयान दिया है। दरअसल, मंत्री इतमार बेन ग्विर ने अल-अक्सा मस्जिद परिसर में कहा कि, ऐसा लगता है जैसे वे ही अल-अक्सा मस्जिद के मालिक हैं। उन्होंने यहूदियों के लिए अल-अक्सा मस्जिद में और अधिक पहुंच की मांग भी की। बेन ग्विर के इस बयान के बाद मुसलमान आक्रोशित हो गए हैं।

क्या कहा बेन ग्विर ने?

आपकी जानकरी के लिए बता दें कि, मंत्री बेन ग्विर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो कह रहे हैं कि अल-अक्सा में उन्हें ‘मालिक’ जैसा महसूस हो रहा है। बेन-ग्विर अपने पास खड़े किसी यहूदी धर्मगुरु, जिन्हें रब्बी कहा जाता है, उनसे कह रहे हैं, ‘मुझे याद है, जब मैं 14-15 साल की उम्र में यहां आया तब से लेकर आज तक सब कुछ बदल चुका है।’ (Ben-Gvir Controversial Statement) बेन ग्विर ने अपने बयान में आगे कहा, ‘तब वे अल्लाहु अकबर के नारे लगाना बंद नहीं कर रहे थे और हमें घेरे रहते थे और अगर कोई यहूदी जरा सा भी बुदबुदाता, तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाता था।’

बेन ग्विर अल-अक्सा परिसर के दौरे पर पहुंचे थे और इसी दौरान उन्होंने ये विवादास्पद बयान दिया। यह इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। वहीं, यहूदी मस्जिद परिसर को टेंपल माउंट कहते हैं। टेंपल माउंट यहूदी धर्म में सबसे पवित्र स्थल माना जाता है क्योंकि यहूदियों का मानना है कि वहां ईश्वर का वास है।

40 दिन से बंद थी अल-अक्सा मस्जिद

Ben-Gvir Controversial Statement:  बता दें कि, एक महीने से अधिक समय तक बंद रहने के बाद हाल ही में इजरायल ने इस परिसर को फिलिस्तीनी मुसलमानों के लिए फिर से खोला है और इसी समय बेन ग्विर का यह बयान सामने आया है। नेतन्याहू के दक्षिणपंथी मंत्री ने वीडियो में कहा, ‘आज मुझे यहां मालिक जैसा महसूस हो रहा है।’ बेन ग्विर का यह वीडियो उनके ऑफिस ने भी जारी किया है। (Ben-Gvir Controversial Statement) उन्होंने आगे कहा, ‘अभी और बहुत कुछ करना बाकी है, बहुत कुछ सुधारना है। मैं प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर लगातार दबाव बना रहा हूं कि वे और ज्यादा कदम उठाएं। हमें लगातार आगे बढ़ते रहना होगा।’

इजरायल ने ईरान से जंग के बीच पहले तो मस्जिद को ऐतिहासिक रूप से लंबे समय तक बंद रखा और फिर अब मस्जिद परिसर में यहूदियों के लिए समय भी बढ़ा दिया गया है। इजरायली अधिकारी मस्जिद में फिलिस्तीनियों की इबादत की टाइमिंग को लगातार घटाते जा रहे हैं। इजरायल ने 40 दिनों तक अल-अक्सा मस्जिद को ईरान युद्ध का हवाला देते हुए बंद रखा था। हालांकि, सीजफायर के बाद मस्जिद को खोल दिया गया है। मस्जिद खुलते ही इजरायली अधिकारियों ने धुर-दक्षिणपंथी समूहों को मस्जिद परिसर में रोजाना एंट्री की छूट दे दी है और परिसर में रहने की उनकी टाइमिंग भी बढ़ा दी गई है।

इजरायल पर लग चुके हैं नियमों का उल्लंघन करने के आरोप

आपको बता दें कि, अल-अक्सा मस्जिद दशकों पुराने ‘स्टेटस क्वो’ समझौते के तहत संचालित होती है, जो इसके इस्लामी स्वरूप को मान्यता देता है और मुस्लिम अधिकारियों को प्रवेश, इबादत और रखरखाव का नियंत्रण देता है। इस व्यवस्था के तहत यहूदियों को यहां आने की अनुमति है, लेकिन प्रार्थना करने की इजाजत नहीं है। (Ben-Gvir Controversial Statement) हालांकि, इजरायल पर लंबे समय से इस व्यवस्था के उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं, जिसमें फिलिस्तीनियों की सहमति के बिना इजरायलियों को यहां एंट्री देना और प्रार्थना करने देना शामिल है। इजरायल के इन हालिया कदमों से मुसलमानों को डर है कि इजरायल मस्जिद के नियमों में बदलाव कर सकता है जैसे यहूदी उपासकों के लिए अतिरिक्त जगह या प्रार्थना के लिए ज्यादा समय देना।

मस्जिद के संरक्षक ने बेन ग्विर की यात्रा को बताया समझौते का उल्लंघन

Ben-Gvir Controversial Statement:  अल-अक्सा मस्जिद के संरक्षक जॉर्डन ने बेन ग्विर की मस्जिद यात्रा को यथास्थिति के समझौते का उल्लंघन बताया। जॉर्डन ने कहा कि यह मस्जिद की पवित्रता का अपमान है और उकसावे की यह कार्रवाई अस्वीकार्य है। वहीं, फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के कार्यालय ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है। (Ben-Gvir Controversial Statement) बेन ग्विर के प्रवक्ता ने कहा कि मंत्री यहूदी लोगों के लिए मस्जिद में और अधिक पहुंच और प्रार्थना की इजाजत चाहते हैं। उन्होंने खुलेआम यह बात स्वीकारी कि बेन ग्विर ने खुद भी मस्जिद परिसर में प्रार्थना की।

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बेन ग्विर ने अल-अक्सा मस्जिद को लेकर क्या बयान दिया?

बेन ग्विर ने कहा कि उन्हें मस्जिद परिसर में “मालिक जैसा महसूस” होता है और उन्होंने यहूदियों के लिए ज्यादा पहुंच की मांग की।

बेन ग्विर के बयान पर विवाद क्यों हुआ?

अल-अक्सा मस्जिद मुस्लिमों के लिए पवित्र स्थल है और वहां की स्थिति बेहद संवेदनशील है, इसलिए इस तरह के बयान से धार्मिक तनाव बढ़ता है।

क्या बेन ग्विर ने नियमों का उल्लंघन किया?

आरोप है कि उनकी यात्रा और वहां प्रार्थना करना ‘स्टेटस क्वो’ समझौते का उल्लंघन हो सकता है।

बेन ग्विर के बयान पर किन देशों ने प्रतिक्रिया दी?

जॉर्डन और फिलिस्तीन ने इस बयान और दौरे का विरोध किया है।

क्या बेन ग्विर के इस कदम से क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है?

हाँ, विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान और कदमों से मिडिल ईस्ट में अस्थिरता बढ़ सकती है।