India-China Border Dispute: PoK के पास चीन ने चली बड़ी चाल, शिनजियांग में बसाया नया जिला, विशेषज्ञों ने बताया शी जिनपिंग ने क्यों उठाया ये कदम

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India-China Border Dispute; चीन ने पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर और अफगानिस्तान की सीमा के पास एक नया जिला स्थापित किया है।

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  • Publish Date - April 12, 2026 / 11:48 PM IST,
    Updated On - April 12, 2026 / 11:50 PM IST

India-China Border Dispute/Image Credit: X Handle

HIGHLIGHTS
  • चीन ने अपने संवेदनशील शिनजियांग क्षेत्र में एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है।
  • पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर और अफगानिस्तान की सीमा के पास एक नया जिला स्थापित किया है।
  • इस जिले का नाम 'सेनलिंग' रखा गया है।

India-China Border Dispute: नई दिल्ली: चीन ने अपने संवेदनशील शिनजियांग क्षेत्र में एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर और अफगानिस्तान की सीमा के पास एक नया जिला स्थापित किया है। इस जिले का नाम ‘सेनलिंग’ रखा गया है और यह सुरक्षा दोनों लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। यह जिला काराकोरम पर्वतमाला के करीब स्थित है। इसको तीन देशों के संवेदनशील बिंदु पर स्थापित करता है।

चीन ने क्यों उठाया ये कदम?

नए जिले को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि, चीन की तरफ से ये कदम मुख्य रूप से वाखान कॉरिडोर के जरिए संभावित घुसपैठ और आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। चीन के शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र की सरकार ने 26 मार्च को इस जिले की स्थापना की घोषणा की थी। (India-China Border Dispute) हालांकि, इसके प्रशासनिक ढांचे और सीमाओं को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

हांगकांग के एक प्रतिष्ठित अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़, ‘इस नए जिले का प्रशासन काशगर प्रीफेक्चर के अधीन होगा. काशगर ऐतिहासिक रूप से प्राचीन सिल्क रोड का एक अहम केंद्र रहा है। आज भी चीन को दक्षिण और मध्य एशिया से जोड़ने वाला एक रणनीतिक प्रवेश द्वार माना जाता है। ‘सेनलिंग’ जिले की लोकेशन इसे बेहद संवेदनशील बनाती है।’

वाखान कॉरिडोर से जुड़ा हुआ है नए जिले का इलाका

India-China Border Dispute:  आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, यह इलाका संकरे वाखान कॉरिडोर से जुड़ा हुआ है, जो लगभग 74 किलोमीटर लंबी एक पट्टी है। यह पट्टी ताजिकिस्तान को PoK से अलग करती है और सीधे चीन की सीमा से सटी हुई है। चीन लंबे समय से इस बात को लेकर चिंतित रहा है कि ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट जैसे उइगर उग्रवादी अफगानिस्तान के रास्ते शिनजियांग में घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं।

यही वजह है कि, चीन का यह नया जिला सुरक्षा कवच को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। (India-China Border Dispute)  सेनलिंग शिनजियांग में पिछले एक साल में बनाया गया तीसरा नया जिला है। इससे पहले चीन ने हेआन और हेकांग जिलों की स्थापना की थी। इनमें से हेआन जिले को लेकर भारत ने कड़ा विरोध जताया था, क्योंकि इसमें अक्साई चिन का हिस्सा शामिल है।

1962 के युद्ध के बाद अक्साई चिन पर चीन ने किया था कब्जा

India-China Border Dispute:  बता दें कि, अक्साई चिन लद्दाख का वह इलाका है जिस पर चीन ने 1962 के युद्ध के बाद कब्जा किया था। अक्साई चिन आज भी भारत-चीन सीमा विवाद का प्रमुख केंद्र बना हुआ। ये नया जिला उस क्षेत्र के बेहद करीब है जहां से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा गुजरता है। (India-China Border Dispute)  करीब 60 अरब डॉलर की लागत वाला यह प्रोजेक्ट चीन के लिए आर्थिक और रणनीतिक दोनों दृष्टियों से अहम है।

वहीं दूसरी तरफ भारत इसका लगातार विरोध करता रहा है, क्योंकि यह PoK से होकर गुजरता है। फुदान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लिन मिनवांग के मुताबिक, यह कदम चीन की सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रति बढ़ती रणनीतिक प्राथमिकता को दर्शाता है। वहीं, स्टिमसन सेंटर की सीनियर फेलो यून सन का मानना है कि यह निर्णय प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।

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