जलवायु संकट अकेले अमेरिका की लड़ाई नहीं है बल्कि वैश्विक है : बाइडन

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जलवायु संकट अकेले अमेरिका की लड़ाई नहीं है बल्कि वैश्विक है : बाइडन

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  • Publish Date - April 29, 2021 / 04:26 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:27 PM IST

वाशिंगटन, 29 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि जलवायु संकट से निपटना अकेले अमेरिका की लड़ाई नहीं बल्कि यह वैश्विक जंग है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को धीमा करने के लिए उन्होंने अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने पर जोर दिया है।

बाइडन ने बुधवार रात कांग्रेस (संसद) के संयुक्त सत्र में अपने पहले भाषण में कहा, ‘‘जलवायु संकट सिर्फ हमारी लड़ाई नहीं है। यह वैश्विक जंग है।”

उन्होंने कहा कि अमेरिका 15 प्रतिशत से कम कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार है जबकि पूरा विश्व 85 प्रतिशत।

राष्ट्रपति ने कहा, “इसलिए मैंने पद ग्रहण करते ही पेरिस जलवायु समझौते में फिर से शामिल होने की अपनी प्रतिबद्धता पूरी की।”

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जहां पेरिस जलवायु समझौते पर हस्ताक्षर किए थे वहीं उनके बाद राष्ट्रपति पद संभालने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को इस समझौते से हटाते हुए कहा था कि यह अमेरिकी कोयला खान-मजदूरों और ऊर्जा उद्योग के लिए अनुचित है। बाइडन जनवरी में पद संभालने के तुरंत बाद इस एतेहासिक समझौते में फिर से शामिल हो गए थे।

पेरिस समझौते के तहत प्रत्येक देश को उत्सर्जन घटाने संबंधी अपने लक्ष्य तय करने हैं और इसका लक्ष्य वैश्विक तापमान वृद्धि को दो डिग्री सेल्सियस से नीचे रखने का है।

पिछले हफ्ते, राष्ट्रपति बाइडन ने अपने देश का पहला जलवायु शिखर सम्मेलन आयोजित किया था जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विश्व के 40 नेता शामिल हुए थे। उन्होंने वैश्विक नेताओं से उत्सर्जन को रोकने के लिए अपने-अपने देशों में कदम उठाने का आह्वान किया था।

भाषा

नेहा धीरज

धीरज