वाशिंगटन, 15 अप्रैल (एपी) अमेरिकी सेना ने मंगलवार को पूर्वी प्रशांत महासागर में मादक पदार्थों की तस्करी के संदेह में एक और नौका पर हमला किया, जिसमें चार लोग मारे गए। पिछले कुछ दिनों में किया गया इस तरह का यह चौथा हमला है।
यह सैन्य अभियान लैटिन अमेरिकी जलक्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले जहाजों पर किए जा रहे हमलों की श्रृंखला की नवीनतम कड़ी है। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि ये जहाज तस्करी में लिप्त थे। यह अभियान सात महीने से भी अधिक समय पहले शुरू हुआ था और ईरान युद्ध में अमेरिकी सेना के जुटे होने के बावजूद जारी है।
ताजा हमले के साथ ही सितंबर की शुरुआत में अभियान शुरू होने के बाद से मरने वालों की संख्या 175 तक पहुंच गई है। अमेरिकी तटरक्षक बल ने शनिवार को हुए हमले में जीवित बचे एक व्यक्ति की तलाश रोक दी है।
अमेरिकी दक्षिणी कमान ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें एक नौका को एक मिसाइल या गोले की चपेट में आने के बाद उसमें विस्फोट होते हुए देखा जा सकता है। अमेरिकी सेना ने इससे पहले शनिवार को दो और सोमवार को तीसरी नौका पर हमले की जानकारी दी थी।
अमेरिकी सेना का कहना है कि ये सभी जहाज आतंकवादी संगठनों द्वारा संचालित थे और गोपनीय जानकारी से यह पुष्टि हुई है कि वे पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के मार्गों से गुजर रहे थे। हालांकि, उसने इस संबंध में कोई सबूत नहीं दिये हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वाशिंगटन लैटिन अमेरिका के मादक पदार्थ गिरोहों के साथ ‘‘सशस्त्र संघर्ष’’ की स्थिति में है।
उन्होंने इन हमलों को अमेरिका में मादक पदार्थों को अवैध रूप से लाये जाने और उनके अत्यधिक सेवन से होने वाली मौतों को रोकने के लिए एक आवश्यक कदम बताया है, लेकिन उनके प्रशासन ने तस्करी और आतंकवाद के गठजोड़ से जुड़े अपराधियों का खात्मा करने के अपने दावों के समर्थन में बहुत कम सबूत दिए हैं।
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सुमित सुभाष
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